गाजीपुर। उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक के गाजीपुर आगमन पर महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की स्वास्थ्य सुविधाओं और जनसमस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपने जा रहे छात्र प्रतिनिधियों को पुलिस ने उनके आवास पर ही हाउस अरेस्ट कर लिया। पीजी कॉलेज गाजीपुर के पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय के आवास पर सुबह से भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस ने दीपक उपाध्याय के साथ प्रद्युम्न सिंह यादव राजन, आकाश चौधरी और सतीश चौधरी को घर से बाहर नहीं निकलने दिया।
दीपक उपाध्याय ने कहा कि गाजीपुर की जनता को केवल रेफरल सेंटर नहीं, बल्कि मुकम्मल इलाज उपलब्ध कराने वाला मेडिकल कॉलेज चाहिए। जनसमस्याओं को लेकर मंत्री को ज्ञापन सौंपना चाहते थे, लेकिन पुलिस के जरिए आवाज दबाने का प्रयास किया गया। प्रद्युम्न सिंह यादव राजन ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। अस्पताल में दवा, अल्ट्रासाउंड और इमरजेंसी सुविधाएं नहीं मिलने से गरीब मरीज परेशान हैं।
छात्र नेताओं ने प्रशासन की कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताते हुए कहा कि जनसमस्याओं को लेकर ज्ञापन देना उनका अधिकार है।
ज्ञापन में ट्रॉमा सेंटर को 24 घंटे विशेषज्ञ डॉक्टरों व वेंटिलेटर सुविधा के साथ शुरू करने, इमरजेंसी में वरिष्ठ डॉक्टरों की चौबीस घंटे तैनाती, सातों दिन विशेषज्ञ ओपीडी संचालन, स्थायी रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति, महिला अस्पताल में पैथोलॉजी व अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था और सीटी स्कैन, एमआरआई व अल्ट्रासाउंड की 24 घंटे सुविधा की मांग की गई।
इसके अलावा अस्पताल में सभी जरूरी दवाओं की उपलब्धता, ओटी का सातों दिन संचालन, डायलिसिस बेड 25 से बढ़ाकर 50 करने, ALS एंबुलेंस व शव वाहन बढ़ाने, खराब लिफ्ट व जांच मशीनों की मरम्मत, पार्किंग व सुरक्षा व्यवस्था तथा पेयजल, शौचालय और तीमारदारों के लिए विश्राम स्थल की व्यवस्था कराने की मांग की गई।















