- Iran-US Deal: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच न्यूयॉर्क में मध्यस्थों के जरिए बातचीत हुई है। ईरान ने युद्ध खत्म करने और कूटनीतिक रास्ता खोलने के लिए कई शर्तें सामने रखी हैं। इनमें अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाना, आर्थिक प्रतिबंधों में राहत और फ्रीज की गई ईरानी संपत्तियों को जारी करना शामिल है।ccddf
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी सैन्य और आर्थिक टकराव के बीच एक बार फिर बातचीत की कोशिश तेज हुई है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान न्यूयॉर्क में दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थों के जरिए संपर्क हुआ। अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के मुताबिक, अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधिमंडलों के बीच मध्यस्थों ने संदेशों का आदान-प्रदान किया।
इस बीच ईरान ने संकेत दिया है कि यदि अमेरिका सैन्य दबाव कम करता है और नाकाबंदी में ढील देता है, तो वह सात दिनों के भीतर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने की दिशा में कदम उठा सकता है। यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब होर्मुज में जहाजों की आवाजाही को लेकर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।
ईरान की मुख्य शर्तें क्या हैं?
ईरान की ओर से सामने रखी गई मांगों में मोटे तौर पर ये मुद्दे शामिल हैं:
1. सभी मोर्चों पर युद्ध और सैन्य कार्रवाई खत्म हो
तेहरान चाहता है कि मध्य पूर्व में जारी विभिन्न सैन्य संघर्षों को समाप्त करने की दिशा में कदम उठाया जाए। ईरान ने इसे व्यापक क्षेत्रीय समझौते से जोड़ने का संकेत दिया है।
2. अमेरिकी सैन्य दबाव कम हो
ईरान की प्रमुख मांगों में अमेरिका की सैन्य कार्रवाई और दबाव को रोकना शामिल है। तेहरान का कहना है कि किसी भी बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिका को कूटनीतिक समाधान के प्रति ठोस प्रतिबद्धता दिखानी होगी।
3. होर्मुज और ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी हटे
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज इस पूरे विवाद का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है। ईरान ने अमेरिकी नाकाबंदी हटाने को बातचीत और जलमार्ग खोलने से जोड़ा है।
4. आर्थिक प्रतिबंधों और आर्थिक दबाव में राहत
ईरान लंबे समय से अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने की मांग करता रहा है। मौजूदा प्रस्ताव में भी आर्थिक दबाव कम करने को संभावित समझौते का हिस्सा बताया गया है।
5. फ्रीज की गई ईरानी संपत्तियां जारी हों
ईरान की एक अन्य प्रमुख मांग विदेशों में फ्रीज की गई उसकी संपत्तियों को जारी करने की है। तेहरान इसे आर्थिक दबाव खत्म करने की प्रक्रिया का हिस्सा मानता है।
7 दिन में खुल सकता है होर्मुज
सबसे अहम प्रस्ताव स्ट्रेट ऑफ होर्मुजको लेकर है। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने Reuters को बताया कि यदि अमेरिका सैन्य दबाव कम करता है और ईरानी बंदरगाहों पर लगी नाकाबंदी हटाता है, तो ईरान सात दिनों के भीतर होर्मुज को खोल सकता है।
होर्मुज दुनिया के प्रमुख ऊर्जा मार्गों में से एक है। इसलिए इस जलमार्ग में किसी भी तरह की रुकावट का असर तेल की कीमतों और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है। ईरान के प्रस्ताव की खबरों के बाद तेल बाजार में भी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
न्यूयॉर्क में बातचीत से बढ़ी उम्मीद
संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान हुई यह बातचीत अभी किसी अंतिम समझौते में तब्दील नहीं हुई है। रिपोर्टों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच संपर्क मध्यस्थों के जरिए हुआ और ईरान ने अपनी शर्तों को बातचीत का आधार बनाया है।
कतर और अन्य क्षेत्रीय देश भी तनाव कम करने और बातचीत का रास्ता तैयार करने में भूमिका निभा रहे हैं। कतर ने अमेरिका-ईरान तनाव कम करने और होर्मुज में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के प्रयासों की बात कही है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल
अब निगाहें इस बात पर हैं कि क्या अमेरिका ईरान की शर्तों पर कोई ठोस कदम उठाता है और क्या इसके बदले होर्मुज को खोलने की प्रक्रिया शुरू होती है। फिलहाल बातचीत जारी है और अंतिम समझौते की घोषणा नहीं हुई है।















