ग्रेटर नोएडा वेस्ट,: ग्रेटर नोएडा वेस्ट में शनिवार को आयोजित विशाल पल्स पोलियो अभियान ने जनस्वास्थ्य जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता का एक नया उदाहरण प्रस्तुत किया। सीएचसी बिसरख के सहयोग से गौर सिटी-1, गौर सिटी-2 और एक मूर्ति क्षेत्र की कुल 31 आवासीय सोसायटियों में पोलियो बूथ लगाए गए, जहाँ लगभग 3500 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई। सुबह से ही विभिन्न सोसायटियों में अभिभावकों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। बड़ी संख्या में लोग अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को लेकर बूथों पर पहुँचे और अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
स्वास्थ्य विभाग और समाज के संयुक्त प्रयासों ने रचा नया इतिहास
इस व्यापक अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि स्वास्थ्य विभाग, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवकों और स्थानीय निवासियों ने मिलकर इसे एक जनआंदोलन का रूप दे दिया। सीएचसी बिसरख की टीम ने पहले से ही पूरी योजना तैयार कर ली थी, जिसके चलते सभी बूथों पर व्यवस्थाएं सुचारु रहीं। बच्चों के लिए अलग कतार, स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती और स्वयंसेवकों की सहायता से कहीं भी अव्यवस्था की स्थिति नहीं बनी।
अभियान में विभिन्न सोसायटियों के AOA, RWA प्रतिनिधियों और स्थानीय स्वयंसेवकों ने घर-घर सूचना पहुँचाने से लेकर लोगों को बूथ तक लाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कई स्थानों पर स्वयंसेवकों ने सुबह से ही निवासियों को फोन और संदेश भेजकर जागरूक किया, जिसके परिणामस्वरूप रिकॉर्ड संख्या में बच्चों ने पोलियो की खुराक ग्रहण की।
अभिभावकों में दिखा उत्साह, बच्चों की सुरक्षा को दी प्राथमिकता
शनिवार को आयोजित इस अभियान में अभिभावकों का उत्साह साफ दिखाई दिया। कई परिवार अपने छोटे बच्चों को लेकर निर्धारित समय से पहले ही बूथों पर पहुँच गए। लोगों का कहना था कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए हर अभियान में भाग लेना बेहद जरूरी है।
गौर सिटी और आसपास की सोसायटियों में कई अभिभावकों ने स्वास्थ्य विभाग और स्वयंसेवकों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार के शिविरों से लोगों में जागरूकता बढ़ती है और बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर भरोसा मजबूत होता है। कई बुजुर्ग निवासियों ने भी अभियान की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।
“हर बच्चे तक खुराक पहुँचाना हमारा लक्ष्य” — अनूप कुमार सोनी
गौतम बुद्ध नगर विकास समिति (GBNVS) के सचिव एवं 1st Avenue निवासी श्री अनूप कुमार सोनी ने अभियान की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि 31 सोसायटियों में एक साथ आयोजित यह कार्यक्रम अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि अभियान समाप्त होने के बाद भी लगातार अन्य सोसायटियों से फोन और संदेश प्राप्त हो रहे हैं, जिनमें पल्स पोलियो शिविर लगाने की मांग की जा रही है।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण है। रिकॉर्ड संख्या में बच्चों की भागीदारी यह दर्शाती है कि लोगों में पोलियो उन्मूलन के प्रति जागरूकता लगातार बढ़ रही है। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को हर पल्स पोलियो अभियान में अवश्य शामिल करें ताकि कोई भी बच्चा इस जीवनरक्षक खुराक से वंचित न रहे।
सीएचसी बिसरख ने दिया भरोसा, अन्य सोसायटियों में भी लगेंगे शिविर
श्री अनूप कुमार सोनी ने बताया कि इस संबंध में सीएचसी बिसरख के श्री अरविंद चौधरी से चर्चा हुई, जिसमें उन्होंने आश्वस्त किया कि जिन सोसायटियों में अभी तक पल्स पोलियो शिविर आयोजित नहीं हो पाया है, वहाँ भी स्वास्थ्य विभाग जल्द अभियान चलाने का पूरा प्रयास करेगा। इसके लिए संबंधित सोसायटियों की सूची उपलब्ध कराई जाएगी ताकि आगे की योजना तैयार की जा सके।
स्वास्थ्य विभाग के इस सकारात्मक रुख से निवासियों में उत्साह और विश्वास दोनों बढ़े हैं। लोगों का मानना है कि यदि इसी प्रकार नियमित रूप से अभियान चलाए जाते रहे तो पोलियो जैसी बीमारी को जड़ से समाप्त करने में बड़ी सफलता मिलेगी।
डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की मेहनत बनी सफलता की कुंजी
इस अभियान के सफल संचालन में सीएचसी बिसरख के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. सचिन्द्र कुमार मिश्रा एवं श्री अरविंद चौधरी की भूमिका को विशेष रूप से सराहा गया। दोनों अधिकारियों के मार्गदर्शन, समन्वय और त्वरित निर्णयों के कारण अभियान पूरी तरह व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम सुबह से ही विभिन्न सोसायटियों में सक्रिय रही। स्वास्थ्यकर्मियों ने न केवल बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई बल्कि अभिभावकों को पोलियो से बचाव और नियमित टीकाकरण के महत्व के बारे में भी जानकारी दी।
सामूहिक सहयोग से सफल हुआ जनस्वास्थ्य अभियान
अभियान के अंत में सभी 31 सोसायटियों के स्वयंसेवकों, AOA/RWA प्रतिनिधियों और जागरूक निवासियों का विशेष धन्यवाद व्यक्त किया गया। लोगों ने कहा कि जब समाज और प्रशासन मिलकर कार्य करते हैं तो किसी भी अभियान को सफल बनाया जा सकता है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में आयोजित यह विशाल पल्स पोलियो अभियान न केवल बच्चों के स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ, बल्कि इसने यह भी साबित कर दिया कि जागरूक समाज और प्रभावी प्रशासनिक समन्वय से बड़े जनहित कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया जा सकता है। आने वाले समय में भी इसी प्रकार के अभियानों से क्षेत्र में स्वास्थ्य जागरूकता और अधिक मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।














