“मुख्यमंत्री कार्यालय की जून 2026 रिपोर्ट में प्रदेश में प्रथम स्थान”
पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने प्रशासनिक दक्षता, जवाबदेही और जनसेवा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए पूरे उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी जून 2026 की IGRS मूल्यांकन रिपोर्ट में कमिश्नरेट को शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के आधार पर प्रदेश में सर्वोच्च रैंकिंग दी गई। यह उपलब्धि केवल एक सरकारी आंकड़ा नहीं, बल्कि नागरिकों के प्रति संवेदनशील और उत्तरदायी पुलिस व्यवस्था का मजबूत प्रमाण मानी जा रही है।
सभी 27 थानों का उत्कृष्ट प्रदर्शन, जमीनी स्तर तक दिखी कार्यकुशलता
इस सफलता की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि कमिश्नरेट के अंतर्गत आने वाले सभी 27 थानों ने भी अपने-अपने स्तर पर शीर्ष प्रदर्शन दर्ज किया। आमतौर पर प्रशासनिक उपलब्धियां केवल मुख्यालय तक सीमित रह जाती हैं, लेकिन गौतमबुद्धनगर पुलिस ने यह साबित किया कि प्रभावी नेतृत्व और सशक्त मॉनिटरिंग के जरिए पूरी व्यवस्था को परिणाममुखी बनाया जा सकता है। थानों के स्तर पर शिकायतों के त्वरित निस्तारण और जवाबदेह कार्यप्रणाली ने इस उपलब्धि को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया।
हर शुक्रवार समीक्षा, लगातार मॉनिटरिंग बनी सफलता की सबसे बड़ी ताकत
पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह द्वारा प्रत्येक माह के प्रत्येक शुक्रवार को IGRS पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की विस्तृत समीक्षा की जाती है। लंबित मामलों, निस्तारण की गुणवत्ता, शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि और फीडबैक जैसे सभी बिंदुओं पर लगातार निगरानी रखी गई। यही कारण रहा कि कमिश्नरेट का प्रदर्शन लगातार बेहतर होता गया और आज वह पूरे प्रदेश में एक आदर्श मॉडल के रूप में उभरकर सामने आया है।
क्या है IGRS? सरकार और जनता के बीच भरोसे का डिजिटल माध्यम
IGRS (इंटीग्रेटेड ग्रीवांस रेड्रेसल सिस्टम) उत्तर प्रदेश सरकार की ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली है, जिसके माध्यम से नागरिक अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन तक पहुंचा सकते हैं। इस पोर्टल का उद्देश्य शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। गौतमबुद्धनगर पुलिस ने इस व्यवस्था को केवल औपचारिक प्रक्रिया न मानते हुए इसे जनविश्वास से जुड़ी जिम्मेदारी के रूप में अपनाया।
फीडबैक सिस्टम में भी प्रदेश में नंबर-1, शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद का मिला लाभ
कमिश्नरेट ने शिकायतों के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ताओं से सीधे संपर्क स्थापित कर फीडबैक लेने की प्रक्रिया को भी बेहद गंभीरता से लागू किया। संबंधित अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर जांच करने और शिकायतकर्ताओं से संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए गए। इस पहल से न केवल शिकायतों के समाधान की गुणवत्ता बढ़ी, बल्कि पुलिस के प्रति जनता का विश्वास भी मजबूत हुआ। यही वजह रही कि फीडबैक प्रणाली में भी गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने पूरे उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया।
जवाबदेह पुलिसिंग और सुशासन का मजबूत उदाहरण बना नोएडा
आज के दौर में जब आम नागरिक प्रशासन से पारदर्शिता, संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा रखते हैं, तब गौतमबुद्धनगर पुलिस की यह उपलब्धि सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण मिसाल बनकर सामने आई है। यह सफलता स्पष्ट संदेश देती है कि यदि नेतृत्व प्रभावी हो, मॉनिटरिंग नियमित हो और जवाबदेही तय हो, तो पुलिस व्यवस्था केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित न रहकर जनता के विश्वास की सबसे मजबूत संस्था बन सकती है।
अन्य जनपदों के लिए प्रेरणा बना गौतमबुद्धनगर मॉडल
नोएडा पुलिस कमिश्नरेट की यह उपलब्धि प्रदेश के अन्य जिलों और प्रशासनिक इकाइयों के लिए भी प्रेरणास्रोत मानी जा रही है। तकनीक आधारित शिकायत निवारण प्रणाली को गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ लागू कर किस प्रकार जनता का भरोसा जीता जा सकता है, इसका उत्कृष्ट उदाहरण गौतमबुद्धनगर पुलिस ने प्रस्तुत किया है।














