ग्रेटर नोएडा वेस्ट। लंबे समय से बहुप्रतीक्षित ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो परियोजना को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रगति सामने आई है। गौतम बुद्ध नगर विकास समिति (GBNVS) द्वारा प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के माध्यम से भेजे गए जनप्रतिनिधित्व पर प्राप्त आधिकारिक विभागीय उत्तर ने पहली बार परियोजना की वर्तमान स्थिति को एक सरकारी रिकॉर्ड के रूप में स्पष्ट किया है। इससे यह संकेत मिलता है कि परियोजना केवल प्रस्तावों तक सीमित नहीं है, बल्कि अनुमोदन प्रक्रिया के महत्वपूर्ण चरण तक पहुँच चुकी है।
PMO के माध्यम से मिली आधिकारिक पुष्टि
प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा समिति के प्रतिनिधित्व को संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई हेतु अग्रेषित किया गया था। पीएमओ के निर्देशों के अनुपालन में संबंधित एजेंसी ने मामले की समीक्षा कर एक आधिकारिक ऑफिस मेमोरेंडम (Office Memorandum) जारी किया, जिसे पीएमओ शिकायत पोर्टल पर उपलब्ध कराया गया। यह दस्तावेज़ परियोजना की प्रगति का एक महत्वपूर्ण सरकारी अभिलेख माना जा रहा है।
DPR पहुँची उत्तर प्रदेश सरकार, अब केंद्र की मंजूरी का इंतजार
सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) उत्तर प्रदेश सरकार के अनुमोदन हेतु प्रस्तुत की जा चुकी है। इसका अर्थ है कि परियोजना ने तकनीकी एवं प्रारंभिक संस्थागत प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण पार कर लिया है। अब केवल अंतिम प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृतियाँ शेष हैं, जिनके बाद निर्माण कार्य का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।
हालाँकि यह अंतिम स्वीकृति नहीं है, लेकिन किसी भी बड़ी सार्वजनिक अवसंरचना परियोजना में डीपीआर का राज्य सरकार के अनुमोदन हेतु पहुँचना एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रशासनिक उपलब्धि माना जाता है। इससे स्पष्ट होता है कि परियोजना सक्रिय सरकारी विचाराधीन है और आगे की निर्णय प्रक्रिया जारी है।
लगातार जनहित प्रयासों का मिला सकारात्मक परिणाम
समिति के सचिव अनूप कुमार सोनी ने बताया कि यह उपलब्धि वर्षों से किए जा रहे सतत जनहित प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजे गए प्रतिनिधित्व, सूचना का अधिकार (RTI) के अंतर्गत प्राप्त सूचनाएँ, आईजीआरएस शिकायतें, विभिन्न विभागों के साथ नियमित संवाद तथा नागरिकों की सक्रिय भागीदारी ने इस दिशा में ठोस प्रगति सुनिश्चित की है।
उन्होंने बताया कि प्राप्त आधिकारिक दस्तावेज़ भविष्य में उत्तर प्रदेश सरकार, NMRC, MoHUA तथा अन्य संबंधित विभागों एवं प्राधिकरणों के समक्ष प्रभावी एवं तथ्यपरक फॉलो-अप के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करेगा।
अन्य विभागों से भी आधिकारिक उत्तरों की प्रतीक्षा
समिति ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक प्रतिनिधित्व पर प्राप्त उत्तर है। विभिन्न विभागों को भेजे गए अन्य अनेक प्रतिनिधित्वों पर अभी भी उत्तर प्राप्त होना शेष है। जैसे-जैसे आधिकारिक प्रतिक्रियाएँ प्राप्त होंगी, उन्हें पूर्ण पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक किया जाएगा ताकि नागरिकों को परियोजना की वास्तविक प्रगति की जानकारी मिलती रहे।
जन-हस्ताक्षर अभियान को मिल रहा व्यापक समर्थन
गौरतलब है कि समिति ने परियोजना को शीघ्र स्वीकृति दिलाने के उद्देश्य से Change.org के माध्यम से ऑनलाइन जन-हस्ताक्षर अभियान प्रारंभ किया है, जिसे अब तक हजारों नागरिकों का समर्थन प्राप्त हो चुका है। क्षेत्र की अनेक Resident Welfare Associations (RWAs), Apartment Owners Associations (AOAs), गैर-सरकारी संगठन (NGOs), सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं ने भी इस अभियान का औपचारिक समर्थन किया है। कई संगठनों ने समर्थन पत्र देकर इस जनआंदोलन को और अधिक सशक्त बनाया है।
‘अब आश्वासन नहीं, निर्माण कार्य शुरू होना चाहिए’ : रश्मि पाण्डेय
समिति की अध्यक्ष रश्मि पाण्डेय ने कहा कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो परियोजना अतीत में विभिन्न कारणों से कई बार स्थगित या निरस्त होती रही है, जिसके कारण लाखों नागरिकों को प्रतिदिन भारी ट्रैफिक जाम, लंबी यात्रा, बढ़ते ईंधन व्यय, समय की बर्बादी और प्रदूषण जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में प्राप्त यह आधिकारिक उत्तर निश्चित रूप से एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन अब क्षेत्रवासी केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं हैं। नागरिक चाहते हैं कि परियोजना को शीघ्र अंतिम प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति मिले और धरातल पर निर्माण कार्य प्रारंभ हो।
तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र को चाहिए आधुनिक सार्वजनिक परिवहन
समिति के उपाध्यक्ष हिमांशु राजपूत ने कहा कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे आवासीय क्षेत्रों में शामिल है, जहाँ लाखों लोग निवास करते हैं। इसके बावजूद मेट्रो जैसी मूलभूत सार्वजनिक परिवहन सुविधा का अभाव क्षेत्र के आर्थिक विकास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच और दैनिक आवागमन पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि परियोजना को शीघ्र स्वीकृति मिलती है तो इससे न केवल ट्रैफिक दबाव कम होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, निवेश, रोजगार सृजन और समग्र शहरी विकास को भी नई गति मिलेगी।
नागरिकों से अभियान में जुड़ने की अपील
गौतम बुद्ध नगर विकास समिति ने क्षेत्र के सभी नागरिकों, सामाजिक संगठनों, RWAs, AOAs, जनप्रतिनिधियों तथा विभिन्न संस्थाओं से अपील की है कि वे इस जनहित अभियान से निरंतर जुड़े रहें और अधिक से अधिक लोगों को ऑनलाइन जन-हस्ताक्षर अभियान से जोड़ें।
समिति का मानना है कि प्रत्येक नया हस्ताक्षर केवल एक समर्थन नहीं, बल्कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लाखों नागरिकों की सामूहिक आवाज़ को और अधिक सशक्त बनाने का माध्यम है।
अब सबकी निगाहें अंतिम मंजूरी पर
अब सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह नहीं है कि मेट्रो परियोजना आवश्यक है या नहीं, बल्कि यह है कि अंतिम प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति कब मिलेगी और निर्माण कार्य कब प्रारंभ होगा। लाखों क्षेत्रवासियों की अपेक्षाएँ अब सरकार के अगले निर्णय पर टिकी हैं।
यदि शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जाती है तो यह केवल एक परिवहन परियोजना नहीं होगी, बल्कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट के भविष्य, उसकी अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और लाखों नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में ऐतिहासिक परिवर्तन का आधार बनेगी।














