कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में सोमवार देर रात बड़ा भूचाल आ गया, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व मंत्री Sujit Bose को कथित नगरपालिका भर्ती घोटाले में गिरफ्तार कर लिया। करीब साढ़े 10 घंटे तक चली लंबी पूछताछ के बाद ईडी ने यह कार्रवाई की।
ईडी का आरोप है कि नॉर्थ दमदम, साउथ दमदम और हालीशहर समेत कई नगरपालिकाओं में पैसे लेकर अयोग्य उम्मीदवारों को नौकरी दिलाने के बड़े रैकेट में सुजीत बोस की भूमिका सामने आई है। एजेंसी के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया में गैर-कानूनी सिफारिशें की गईं और बदले में मोटी रकम वसूली गई।
सुजीत बोस सोमवार सुबह लगभग 10:30 बजे साल्टलेक स्थित CGO कॉम्प्लेक्स में ईडी कार्यालय पहुंचे थे। अधिकारियों ने उनसे लगातार कई घंटों तक पूछताछ की। देर रात पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
सूत्रों के मुताबिक, ईडी ने इससे पहले भी 1 मई और 4 मई को सुजीत बोस को पूछताछ के लिए तलब किया था। विधानसभा चुनाव के दौरान व्यस्तता का हवाला देकर वह पहले पेश नहीं हो सके थे, लेकिन चुनाव परिणाम आने के बाद एजेंसी ने जांच तेज कर दी।
भर्ती घोटाले में “सिफारिश नेटवर्क” की जांच
ईडी का दावा है कि साउथ दमदम नगरपालिका सहित कई नगर निकायों में नौकरी देने के लिए एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। इस नेटवर्क के जरिए योग्य अभ्यर्थियों को दरकिनार कर पैसों के बदले नियुक्तियां कराई गईं। जांच एजेंसी के अनुसार, सुजीत बोस पर नौकरी चाहने वालों के नामों की “गैर-कानूनी सिफारिश” करने के आरोप हैं।
इस मामले में पहले गिरफ्तार किए जा चुके कारोबारी अयान शील से पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के दौरान कई अहम सुराग मिले थे, जिसके बाद जांच की आंच सीधे सुजीत बोस तक पहुंची।
बेटे के रेस्टोरेंट से मिले ₹45 लाख
ईडी जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब एजेंसी ने साल्टलेक सेक्टर-5 स्थित सुजीत बोस के बेटे समुद्र बोस से जुड़े एक रेस्टोरेंट पर छापा मारा। वहां से करीब ₹45 लाख नकद बरामद किए गए।
ईडी का दावा है कि जिस रेस्टोरेंट से पैसा मिला, वहां न तो कोई व्यवस्थित किचन था और न ही डाइनिंग टेबल की व्यवस्था। एजेंसी को शक है कि रेस्टोरेंट का इस्तेमाल कथित तौर पर ब्लैक मनी को सफेद करने के लिए किया जा रहा था।
इसके अलावा तारातला इलाके में सुजीत बोस के करीबी एक कारोबारी के दफ्तर की तलाशी के दौरान लगभग ₹3 करोड़ नकद बरामद किए गए।
परिवार के कई सदस्य जांच के दायरे में
ईडी ने केवल सुजीत बोस ही नहीं, बल्कि उनके बेटे समुद्र बोस और परिवार के अन्य सदस्यों को भी समन भेजा था। एजेंसी ने उनके बयान भी रिकॉर्ड किए हैं।
सुजीत बोस लगातार यह दावा करते रहे कि जिस मामले में उन्हें बुलाया जा रहा है, उसमें केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है और उसमें उनका नाम शामिल नहीं है। हालांकि ईडी ने सीबीआई की FIR के आधार पर ECIR दर्ज कर अलग से मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी।
मंगलवार को कोर्ट में पेश करेगी ED
ईडी सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद सुजीत बोस का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा और मंगलवार सुबह उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। एजेंसी उनसे हिरासत में लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है ताकि भर्ती घोटाले और कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाया जा सके।
पश्चिम बंगाल में पहले ही शिक्षक भर्ती और नगर निकाय भर्ती घोटालों को लेकर राजनीतिक माहौल गरम है। ऐसे में टीएमसी के एक बड़े नेता की गिरफ्तारी ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।














