लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले हलचल तेज हो गई है। योगी आदित्यनाथ सरकार के संभावित कैबिनेट विस्तार को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं। सूत्रों के मुताबिक, करीब आधा दर्जन नए मंत्रियों के नाम लगभग तय हो चुके हैं और जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार का ऐलान हो सकता है।
इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आनंदीबेन पटेल से मुलाकात की, जिसके बाद राजनीतिक सरगर्मियां और बढ़ गईं। इस पूरे घटनाक्रम पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने बीजेपी और राज्य के दोनों डिप्टी सीएम पर तीखा तंज कसते हुए बड़ा हमला बोला है।
“दिल्ली से पर्ची आ गई क्या?” — अखिलेश का हमला
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा:
“दिल्ली से पर्ची आ गई क्या? सुना है यूपी में कैबिनेट का विस्तार हो रहा है या यूं कहें कि मुख्यमंत्री जी की शक्ति का कटाव-झटाव हो रहा है। जिनका मंत्रिमंडल है, उनसे भी तो कोई पूछ लें।”
उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार में महिलाओं को आरक्षण दिया जाना चाहिए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अखिलेश का यह बयान सीधे तौर पर बीजेपी नेतृत्व और हाईकमान संस्कृति पर हमला माना जा रहा है।
डिप्टी CMs पर भी साधा निशाना
अपने पोस्ट में अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए उत्तर प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्रियों पर भी कटाक्ष किया।
उन्होंने लिखा:
“अगल-बगल की जोड़ी का कुछ हला-भला होगा या फिर वो अगले-बगले ही झांकते रह जाएंगे या सिर्फ़ रील बनाते रहेंगे?”
राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि यह टिप्पणी Keshav Prasad Maurya और Brajesh Pathak को लेकर की गई है।
पहले भी वायरल हुआ था ‘दो स्टूल’ वाला हमला
यह पहला मौका नहीं है जब अखिलेश यादव ने दोनों डिप्टी सीएम पर तंज कसा हो। इससे पहले 1 मई को उन्होंने दोनों नेताओं का एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा था:
“दो स्टूलों को मिलाने से कुर्सी नहीं बनती!”
यह बयान सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था और बीजेपी नेताओं ने इसका जवाब भी दिया था।
केशव मौर्य का पलटवार
अखिलेश के हमले पर पलटवार करते हुए Keshav Prasad Maurya ने कहा था:
“एक फिट और हिट जोड़ी से आपका घबराना जायज है। केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक की जोड़ी जनता के भरोसे की पहचान बन चुकी है।”
उन्होंने खुद को सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य की परंपरा से जोड़ते हुए विपक्ष पर पिछड़े और वंचित समाज के साथ अन्याय करने का आरोप भी लगाया।
दिल्ली से पर्ची आ गयी क्या?
सुना है यूपी में कैबिनेट का विस्तार हो रहा है या यूँ कहें कि मुख्यमंत्री जी की शक्ति का ‘कटाव छटाव’ हो रहा है। जिनका मंत्रिमंडल है उनसे भी तो कोई पूछ ले। हमारी माँग है कि यूपी के मंत्रिमंडल विस्तार में महिलाओं को आरक्षण दिया जाए।
वैसे ये सवाल भी…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 9, 2026
कैबिनेट विस्तार के पीछे बड़ा चुनावी गणित
सूत्रों के मुताबिक, योगी कैबिनेट का यह विस्तार सिर्फ प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीतिक तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है।
बीजेपी नेतृत्व जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए नए चेहरों को मौका देने की तैयारी में है। पिछड़ा वर्ग, दलित, महिला और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को लेकर पार्टी विशेष फोकस कर रही है।
UP की राजनीति में बढ़ी सियासी गर्मी
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी महीनों में यूपी की राजनीति और ज्यादा आक्रामक होने वाली है। एक तरफ बीजेपी सरकार अपने संगठन और सत्ता संतुलन को मजबूत करने में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ अखिलेश यादव लगातार सोशल मीडिया और राजनीतिक बयानबाजी के जरिए सरकार को घेरने की रणनीति अपना रहे हैं।
2027 चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में अब हर राजनीतिक कदम को चुनावी नजरिए से देखा जा रहा है।














