लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव पूरी तरह चुनावी मोड में नजर आ रहे हैं। एक तरफ वे लगातार बीजेपी सरकार पर हमला बोल रहे हैं, तो दूसरी तरफ अलग-अलग सामाजिक समीकरणों को साधने की रणनीति पर तेजी से काम कर रहे हैं। इसी कड़ी में शनिवार को राजधानी लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय में आयोजित महाराणा प्रताप जयंती कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव ने बड़ा राजनीतिक दांव चलते हुए ऐलान किया कि अगर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो महाराणा प्रताप जयंती पर दो दिन का सरकारी अवकाश घोषित किया जाएगा।
इस ऐलान को आगामी चुनावों से पहले क्षत्रिय वोट बैंक को साधने की बड़ी रणनीति माना जा रहा है।
महाराणा प्रताप जयंती पर सपा का शक्ति प्रदर्शन
लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षत्रिय समाज के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। पार्टी मुख्यालय में महाराणा प्रताप की जयंती को भव्य तरीके से मनाया गया। बताया गया कि प्रदेशभर से करीब 500 से अधिक क्षत्रिय समाज के प्रतिनिधियों और नेताओं को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी अब MY (मुस्लिम-यादव) समीकरण के साथ-साथ दलित और क्षत्रिय वोटों को भी अपने पक्ष में लाने की कोशिश में जुटी है।
“बीजेपी दरारवादी पार्टी है” — अखिलेश का हमला
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बीजेपी के लोग “दरारवादी” हैं और समाज में लड़ाई करवाने की राजनीति करते हैं।
उन्होंने कहा, “बीजेपी के पास कोई काम नहीं है। ये लोग सिर्फ नफरत फैलाते हैं और समाज को बांटने का काम करते हैं।”
अखिलेश ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार विकास के मुद्दों पर विफल रही है और अब सामाजिक विभाजन की राजनीति के सहारे सत्ता में बने रहना चाहती है।
EVM पर फिर उठाए सवाल
सपा प्रमुख ने चुनाव आयोग और EVM को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की पुरानी मांग रही है कि चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएं।
उन्होंने कहा, “पूरा इंग्लैंड बैलेट पेपर से चुनाव कराता है, क्या हम इंग्लैंड से ज्यादा विकसित हो गए हैं?”
हालांकि इसके साथ उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी आने वाले चुनाव में बीजेपी को EVM से ही हराएगी और जीतने के बाद EVM हटाने की दिशा में काम करेगी।
NCRB आंकड़ों के सहारे कानून व्यवस्था पर हमला
अखिलेश यादव ने NCRB के आंकड़ों का हवाला देते हुए उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाएं और बेटियां खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं।
उन्होंने कहा, “जो लोग जीरो टॉलरेंस की बात करते हैं, उन्होंने लॉ एंड ऑर्डर को ही जीरो कर दिया है।”
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराध और भय का माहौल बढ़ा है और सरकार इसे नियंत्रित करने में नाकाम रही है।
गोमती रिवर फ्रंट पर लगेगी महाराणा प्रताप की भव्य प्रतिमा
अखिलेश यादव ने ऐलान किया कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर लखनऊ के Gomti Riverfront पर महाराणा प्रताप की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रतिमा में महाराणा प्रताप के साथ उनका प्रिय घोड़ा चेतक और स्वर्ण भाला भी दर्शाया जाएगा। इसे वीरता, सम्मान और भारतीय गौरव का प्रतीक बताया गया।
2027 चुनाव से पहले नया सामाजिक समीकरण
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि समाजवादी पार्टी अब सिर्फ पारंपरिक वोट बैंक पर निर्भर रहने की बजाय नए सामाजिक समीकरण बनाने की कोशिश कर रही है।
महाराणा प्रताप जयंती के बहाने क्षत्रिय समाज के बीच पहुंच बनाना उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। वहीं दूसरी ओर बीजेपी पर लगातार हमले कर अखिलेश यादव खुद को प्रदेश में सबसे बड़े विपक्षी चेहरे के तौर पर स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में अब चुनावी सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं और आने वाले महीनों में जातीय समीकरण, हिंदुत्व, सामाजिक न्याय और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दे चुनावी बहस के केंद्र में रहने वाले हैं।














