नोएडा:सामाजिक संस्था नोएडा सिटीजन फोरम (NCF) ने मंगलवार को शहर से जुड़े कई गंभीर जनहित मुद्दों पर प्रशासन, पुलिस और प्राधिकरण की कार्यशैली पर तीखा सवाल उठाया। फोरम की कार्यकारी अध्यक्ष शालिनी सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि नोएडा में लगातार बढ़ती प्रशासनिक लापरवाही, अवैध निर्माण, पर्यावरणीय खतरे और नागरिक सुविधाओं की बदहाली अब असहनीय हो चुकी है। उन्होंने साफ कहा कि यदि सरकारी मशीनरी समय रहते नहीं चेती, तो जनता का विश्वास पूरी तरह टूट जाएगा।
युवराज मेहता मौत मामला: SIT रिपोर्ट पर उठे बड़े सवाल, न्यायिक जांच की मांग
प्रेस वार्ता में सबसे पहले सेक्टर-150 में जनवरी माह में हुई युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत का मुद्दा उठाया गया। शालिनी सिंह ने कहा कि यह घटना नोएडा जैसे हाईटेक शहर के लिए बेहद शर्मनाक है, जहां पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी के बावजूद एक युवक तड़प-तड़प कर दम तोड़ देता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा 5 दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश के बावजूद SIT ने लगभग 100 दिन बाद रिपोर्ट पेश की, जो न सिर्फ देरी का उदाहरण है बल्कि इसकी निष्पक्षता पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
शालिनी सिंह ने कहा कि रिपोर्ट में केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर दोष डालकर उच्च अधिकारियों को बचाने की कोशिश साफ दिखाई देती है।
फोरम ने मांग की—
SIT जांच में हुई देरी का सार्वजनिक खुलासा हो
रिपोर्ट को निरस्त किया जाए
पूरे मामले की ज्यूडिशियल इंक्वायरी (न्यायिक जांच) कराई जाए
उच्च अधिकारियों की भूमिका की भी जवाबदेही तय हो
उन्होंने कहा कि “न्याय में देरी, न्याय से वंचित करने के समान है” और युवराज मेहता के परिवार को अभी तक वास्तविक न्याय नहीं मिला है।
अवैध घोषित बैंक्वेट हॉलों में सार्वजनिक कार्यक्रमों पर लगे तत्काल रोक
प्रेस कॉन्फ्रेंस का दूसरा सबसे बड़ा मुद्दा नोएडा में धड़ल्ले से चल रहे अवैध बैंक्वेट हॉल और बारात घर रहे। शालिनी सिंह ने कहा कि जिन बैंक्वेट हॉलों को नोएडा प्राधिकरण खुद नोटिस देकर अवैध घोषित कर चुका है और सरकारी जमीन पर निर्मित बता चुका है, वहां आज भी बड़े-बड़े सार्वजनिक और राजनीतिक कार्यक्रम होना बेहद चिंताजनक है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि—
सभी अवैध बैंक्वेट हॉलों में सार्वजनिक आयोजनों पर तत्काल रोक लगे
ऐसे सभी परिसरों को ध्वस्तीकरण तक सील किया जाए
संबंधित थाना प्रभारी और प्राधिकरण अधिकारियों की जिम्मेदारी तय हो
किसी भी सरकारी या जनप्रतिनिधि कार्यक्रम को अवैध भवनों में आयोजित न किया जाए
शालिनी सिंह ने कहा कि अवैध परिसरों में सरकारी कार्यक्रम होने से जनता में यह संदेश जाता है कि सरकार खुद भ्रष्टाचार और अवैध कब्जों को संरक्षण दे रही है।

नोएडा के अवैध डंपिंग ग्राउंड बने जहरीले धुएं के अड्डे
फोरम ने सेक्टर-145 में पिछले 10-12 दिनों से धधक रही भीषण आग का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। शालिनी सिंह ने कहा कि इससे पहले सेक्टर-32 और सेक्टर-123 में भी डंपिंग ग्राउंड में आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन ने कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला।
उन्होंने चेतावनी दी कि लगातार उठ रहा जहरीला धुआं नोएडा के लाखों लोगों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन चुका है।
फोरम की मांग है कि—
सभी अवैध व अस्थाई डंपिंग ग्राउंड तत्काल बंद किए जाएं
वैज्ञानिक कचरा निस्तारण व्यवस्था लागू हो
जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई हो
शुद्ध पेयजल और नई सीवर लाइनें: वर्ल्ड क्लास सिटी के दावे पर सवाल
शालिनी सिंह ने नोएडा में गंदे पेयजल और जर्जर सीवर व्यवस्था पर भी तीखी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि शहर के अनेक सेक्टर, गांव और सोसाइटी आज भी साफ पानी और नियमित जलापूर्ति से वंचित हैं, जबकि नोएडा प्राधिकरण खुद को वर्ल्ड क्लास सिटी बताने में लगा है।
फोरम ने मांग रखी—
हर क्षेत्र में स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल की गारंटी
जल गुणवत्ता जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए
लापरवाह अधिकारियों को बर्खास्त किया जाए
शहरभर में पुरानी सीवर लाइनों को बदलकर नई लाइनें डाली जाएं
उन्होंने कहा कि जाम सीवर और दूषित पानी लोगों के घरों तक पहुंच रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौन हैं।
लापरवाह अधिकारियों की शिकायत सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाएगा फोरम
शालिनी सिंह ने साफ कहा कि नोएडा सिटीजन फोरम अब ऐसे अधिकारियों को चिन्हित करेगा जो जनता के प्रति उदासीन, ढुलमुल और गैर-जिम्मेदार रवैया अपनाते हैं। उनकी शिकायत सीधे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक पहुंचाई जाएगी ताकि “पथभ्रष्ट और जनविरोधी अधिकारियों की नोएडा से शीघ्र रवानगी” सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की पहली जिम्मेदारी नागरिकों का विश्वास बनाए रखना है, लेकिन वर्तमान स्थिति में जनता खुद को असहाय महसूस कर रही है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में फोरम के महासचिव प्रशांत त्यागी, सचिव गरिमा त्रिपाठी, गिरीश कपूर, मधु मेहरा, छाया राय, प्रदीप यादव, रेणु बाला शर्मा, ज्योत्सना पमनानी और एडवोकेट कमल कौशिक समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।














