“काबड़ौत पुल के पास आधा किलोमीटर तक सड़क पर बिखरे मिले नोटों की गुत्थी सुलझी; मेरठ पुलिस ने दो दिन की जांच के बाद असली मालिक को किया ट्रेस, कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शनिवार को लौटाई जाएगी रकम”
मेरठ: मेरठ-करनाल हाईवे पर काबड़ौत पुल के पास सड़क पर बिखरे मिले चार लाख रुपये के रहस्यमय मामले का आखिरकार खुलासा हो गया है। दो दिन तक चली जांच-पड़ताल के बाद मेरठ पुलिस ने बरामद रकम के असली मालिक की पहचान कर ली है। पुलिस ने बैंक के CCTV फुटेज, निकासी रिकॉर्ड और बरामद बैंक स्लिप के आधार पर मालिक की पुष्टि की है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शनिवार को पूरी रकम संबंधित व्यक्ति को सौंप दी जाएगी।
आधा किलोमीटर तक हाईवे पर बिखरे पड़े थे नोट, राहगीरों में मची थी हलचल
यह चौंकाने वाली घटना बुधवार शाम को कोतवाली थाना क्षेत्र में सामने आई थी, जब काबड़ौत पुल के पास मेरठ-करनाल हाईवे पर राहगीरों ने सड़क पर जगह-जगह नोट बिखरे देखे। करीब आधा किलोमीटर तक फैले नोटों को देखकर लोगों में अफरा-तफरी और उत्सुकता फैल गई।
स्थानीय युवक अमन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और सड़क पर पड़े नोटों को इकट्ठा कर सुरक्षित कब्जे में लिया।
थाना प्रभारी सचिन शर्मा के मुताबिक पुलिस को मौके से मिले:
500 रुपये के नोटों की 6 गड्डियां
200 रुपये के नोटों की 5 गड्डियां
बरामद कुल रकम 4 लाख रुपये निकली।
गुरुवार तक नहीं आया कोई दावेदार, अखबार में खबर छपते ही मिला पहला सुराग
पुलिस ने बरामदगी के बाद आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ की और दावेदार के सामने आने का इंतजार किया, लेकिन गुरुवार देर शाम तक कोई भी व्यक्ति रुपये लेने नहीं पहुंचा।
मामले में शुक्रवार को उस वक्त बड़ा मोड़ आया जब अखबारों में खबर प्रकाशित होने के बाद करनाल निवासी सुमित पुलिस के पास पहुंचा। उसने बताया कि यह रकम उसकी कंपनी ‘पैन ईयर’ में कार्यरत सागर की है, जो बैंक से नकदी निकालकर मेरठ की ओर जा रहा था।
यहीं से पुलिस को जांच का पहला ठोस सुराग मिला।
करनाल बैंक पहुंची मेरठ पुलिस, CCTV फुटेज में दिखा सागर
दावे की सच्चाई परखने के लिए कोतवाली पुलिस ने सागर से संपर्क किया और फिर एक टीम करनाल स्थित बैंक पहुंची।
वहां बैंक के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें सागर को बैंक से रकम निकालते हुए साफ देखा गया। इसके साथ ही पुलिस ने बरामद नोटों के साथ मिली बैंक स्लिप का मिलान किया।
जांच में:
निकाली गई रकम,
नोटों की गड्डियों का पैटर्न,
बैंक स्लिप का विवरण
तीनों चीजें मेल खा गईं, जिसके बाद यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया कि बरामद 4 लाख रुपये सागर के ही हैं।
शनिवार को कोतवाली बुलाया गया सागर, पूरी रकम लौटाएगी पुलिस
थाना प्रभारी सचिन शर्मा ने बताया कि सागर को शनिवार को कोतवाली बुलाया गया है।
यहां उससे:
पहचान सत्यापन,
स्वामित्व घोषणा,
और अन्य जरूरी कानूनी दस्तावेज
पूरे कराए जाएंगे। इसके बाद पुलिस पूरी बरामद रकम उसे विधिवत सौंप देगी।
अधिकारियों ने बताया कि समय रहते सूचना मिलने और पुलिस की तत्परता के कारण पूरी रकम सुरक्षित बचा ली गई।
राहगीर की ईमानदारी और पुलिस की फुर्ती से बच गए 4 लाख
अगर स्थानीय युवक अमन समय पर पुलिस को सूचना न देता, तो व्यस्त हाईवे पर बिखरी यह नकदी कुछ ही मिनटों में गायब हो सकती थी।
इस पूरे मामले को अब तीन वजहों से सराहा जा रहा है:
राहगीर की सजगता,
पुलिस की त्वरित कार्रवाई,
और CCTV के जरिए सफल जांच।
जो मामला शुरू में हाईवे पर बिखरे नोटों की रहस्यमयी कहानी लग रहा था, वह अब असली मालिक तक पहुंचने के साथ सुलझ चुका है।














