नोएडा में विकास की कहानी को अगर पिछले एक दशक के संदर्भ में देखा जाए, तो यह सिर्फ बजट बढ़ने की कहानी नहीं है, बल्कि योजनाओं के ज़मीन पर उतरने की रफ्तार का भी संकेत है। इसी संदर्भ में वर्तमान विधायक पंकज सिंह का नाम अक्सर प्रमुखता से सामने आता है, जिनके कार्यकाल में विधायक निधि के उपयोग और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को गति देने को लेकर कई दावे किए जाते हैं।
नोएडा में विकास की नई इबारत
नोएडा विधानसभा सीट पर विकास की रफ्तार बीते वर्षों में तेज हुई है। विधायक निधि (MLA LAD Fund) के अधिकतम उपयोग का जो दावा किया जा रहा है, उसके पीछे एक बड़ा कारण यह भी है कि समय के साथ निधि की वार्षिक राशि में वृद्धि हुई है—
पहले: ₹1.5 करोड़ प्रति वर्ष
बाद में: ₹3 करोड़
वर्तमान में: ₹5 करोड़ प्रति वर्ष
इस बढ़ी हुई राशि का उपयोग करते हुए पंकज सिंह ने अपने कार्यकाल में बुनियादी ढांचे से लेकर सामाजिक सुविधाओं तक कई क्षेत्रों में खर्च बढ़ाया।
कोविड काल में हस्तक्षेप
2021-22 के दौरान, जब COVID-19 का असर चरम पर था, उस समय विधायक निधि से ₹1 करोड़ की राशि राहत कार्यों के लिए आवंटित करना एक महत्वपूर्ण कदम माना गया। इस राशि का उपयोग चिकित्सा उपकरण, ऑक्सीजन व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में किया गया।
पहले के विधायकों से तुलना
नोएडा के पूर्व विधायकों जैसे विमला बाथम और नवाब सिंह नागर के कार्यकाल की तुलना में वर्तमान समय में कुल खर्च अधिक दिखाई देता है।
हालांकि, यह भी ध्यान देने योग्य है कि उस समय निधि की राशि कम थी, जिससे सीधे तुलना करना पूरी तरह संतुलित नहीं माना जाता।
उदाहरण के तौर पर:
विमला बाथम ने लगभग 30 महीनों में ₹4.5 करोड़ खर्च करने का दावा किया था
वर्तमान में, बढ़ी हुई निधि के कारण कुल व्यय स्वाभाविक रूप से अधिक है
किन क्षेत्रों में हुआ खर्च?
विधायक निधि का उपयोग उन क्षेत्रों में केंद्रित रहा जहां तत्काल जरूरत थी या प्राधिकरण का सीधा फोकस अपेक्षाकृत कम था:
गांवों में इंटरलॉकिंग सड़कें और पक्के रास्ते
नाली, सीवर और जल निकासी व्यवस्था
सामुदायिक केंद्र और बारात घर
पार्कों का सौंदर्यीकरण
सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास और डिजिटल सुविधाएं
स्वास्थ्य केंद्रों में आधुनिक उपकरण
ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देना इस मॉडल की प्रमुख विशेषता रही है।
₹10,000 करोड़ पार बजट: बड़ा गेमचेंजर
नोएडा प्राधिकरण द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹10,290 करोड़ का बजट पेश किया जाना एक बड़ा मील का पत्थर है।
इस बजट के प्रमुख फोकस क्षेत्र:
न्यू नोएडा के लिए भूमि अधिग्रहण
बड़े स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड
रुकी हुई हाउसिंग परियोजनाओं को पूरा करना
लगभग ₹1,250 करोड़ सीधे निर्माण कार्यों में निवेश
इस स्तर का बजट नोएडा को देश के सबसे समृद्ध शहरी निकायों में शामिल करता है।
बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को गति
विधायक निधि के अलावा, राज्य और प्राधिकरण के सहयोग से कई बड़े प्रोजेक्ट्स को भी गति मिली:
एलिवेटेड रोड और ट्रैफिक सुधार परियोजनाएं
मेट्रो विस्तार (विशेष रूप से नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के तहत)
शहरी और ग्रामीण कनेक्टिविटी में सुधार
राजनीतिक और चुनावी रिकॉर्ड
पंकज सिंह का नाम बड़े वोट मार्जिन से जीत दर्ज करने वाले नेताओं में भी लिया जाता रहा है। यह संकेत देता है कि विकास कार्यों और राजनीतिक समर्थन के बीच एक संबंध देखने को मिलता है, हालांकि यह विश्लेषण कई अन्य सामाजिक और राजनीतिक कारकों पर भी निर्भर करता है।
संतुलित दृष्टिकोण
हालांकि विकास और बजट के आंकड़े प्रभावशाली हैं, लेकिन किसी भी दावे का आकलन करते समय कुछ बातों को ध्यान में रखना जरूरी है:
निधि की राशि समय के साथ बढ़ी है
प्राधिकरण और राज्य सरकार के बजट का बड़ा योगदान होता है
वास्तविक प्रभाव का मूल्यांकन जमीनी स्तर पर सेवाओं की गुणवत्ता से होता है
नोएडा में विकास की रफ्तार निश्चित रूप से तेज हुई है—चाहे वह विधायक निधि का उपयोग हो या ₹10,000 करोड़ से अधिक का प्राधिकरण बजट। पंकज सिंह के कार्यकाल को इस बदलाव के एक महत्वपूर्ण चरण के रूप में देखा जा सकता है, जहां स्थानीय स्तर के कामों से लेकर बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स तक एक साथ प्रगति करने की कोशिश दिखती है।














