गाजीपुर – करंडा क्षेत्र के कटरिया गांव में हुई दर्दनाक घटना को लेकर अब राजनीतिक माहौल गरमा गया है। समाजवादी पार्टी और ग्राम प्रधान प्रतिनिधि आशुतोष सिंह आशू के बीच टकराव की स्थिति बनती दिख रही है। समाजवादी पार्टी ने घोषणा की है कि 22 अप्रैल को पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल कटरिया गांव पहुंचकर पीड़ित सियाराम विश्वकर्मा से मुलाकात करेगा और उनकी बेटी की हत्या पर शोक संवेदना व्यक्त करेगा।
इस प्रतिनिधिमंडल में जिलाध्यक्ष गोपाल यादव, सांसद अफजाल अंसारी, ओमप्रकाश सिंह, राम आसरे विश्वकर्मा, डॉ. विरेन्द्र यादव, जै किशन साहू, शोएब अंसारी उर्फ मन्नू अंसारी, अंकित भारती, अभिषेक यादव, सिकंदर कन्नौजिया, कन्हैयालाल विश्वकर्मा, हरेंद्र विश्वकर्मा, शशिकांत शर्मा और तहसीन अहमद शामिल हैं।
वहीं, सपा के इस ऐलान के बाद ग्राम प्रधान प्रतिनिधि आशुतोष सिंह आशू ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर प्रतिनिधिमंडल के गांव आगमन पर रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि कुछ राजनीतिक दल और बाहरी लोग भ्रामक तथ्यों के आधार पर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा द्वारा लगाए गए कई गंभीर आरोप पीड़ित परिवार के प्रार्थना पत्र और पुलिस की एफआईआर में दर्ज ही नहीं हैं, जिससे गांव में तनाव की स्थिति बन रही है।
इस बीच पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है। राजनीतिक बयानबाजी के बीच गांव में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।
इसी क्रम में आशुतोष सिंह आशू द्वारा फेसबुक पर साझा की गई एक तस्वीर भी चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसमें सपा प्रतिनिधिमंडल और प्रधान प्रतिनिधि आमने-सामने दिख रहे हैं। इससे पूरे मामले ने और तूल पकड़ लिया है।














