भुवनेश्वर, ओडिशा
ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में रविवार को देश की पहली एडवांस्ड 3D सेमीकंडक्टर पैकेजिंग यूनिट की नींव रखी गई। यह परियोजना भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करने और उच्च तकनीक आधारित इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह परियोजना 3D ग्लास सबस्ट्रेट तकनीक पर आधारित होगी, जो सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अगली पीढ़ी की तकनीक मानी जाती है। उन्होंने बताया कि यह पहल देश को उन्नत चिप निर्माण और पैकेजिंग के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होगी।
निवेश और उत्पादन क्षमता
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस परियोजना को राज्य और देश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि इसमें लगभग 2,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है।
परियोजना के तहत अनुमानित उत्पादन क्षमता:
प्रतिवर्ष 70,000 ग्लास पैनल
50 मिलियन असेंबल्ड यूनिट
लगभग 13,000 एडवांस्ड 3DHI मॉड्यूल
इसके साथ ही इस यूनिट से 2,500 से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है।
वैश्विक कंपनियों की भागीदारी
इस परियोजना में Intel, Lockheed Martin और Applied Materials जैसी वैश्विक कंपनियों की रुचि सामने आई है, जो भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र के बढ़ते महत्व को दर्शाती है।
तकनीकी महत्व
विशेषज्ञों के अनुसार, 3D ग्लास सबस्ट्रेट तकनीक पारंपरिक सिलिकॉन आधारित तकनीक की तुलना में अधिक उन्नत है और इसका उपयोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), 5G नेटवर्क, रक्षा उपकरणों और उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग में किया जा सकता है।
निष्कर्ष
भुवनेश्वर में स्थापित होने वाली यह यूनिट भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ाने के साथ-साथ देश को वैश्विक तकनीकी आपूर्ति श्रृंखला में मजबूत स्थान दिलाने में सहायक साबित हो सकती है।
सरकार के अनुसार, यह परियोजना न केवल औद्योगिक विकास को गति देगी, बल्कि रोजगार सृजन और तकनीकी नवाचार को भी प्रोत्साहित करेगी।














