नई दिल्ली: महिला आरक्षण विधेयक लोकसभा में पारित न हो पाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार रात राष्ट्र को संबोधित करते हुए विपक्षी दलों—भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम—पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इन दलों ने महिलाओं के अधिकारों को रोककर “नारी शक्ति के सपनों को कुचलने” का काम किया है।
“महिलाओं के सपनों को रोका गया, मैं क्षमाप्रार्थी हूं”
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत भावनात्मक अंदाज़ में करते हुए कहा कि वे देश की माताओं, बहनों और बेटियों से सीधे संवाद करने आए हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि सरकार के प्रयासों के बावजूद विधेयक पारित नहीं हो सका।
उन्होंने कहा,
“आज देश देख रहा है कि नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया। मैं इसके लिए देश की हर महिला से क्षमाप्रार्थी हूं।”
“66% वोट नहीं मिला, लेकिन 100% नारी शक्ति साथ”
पीएम मोदी ने कहा कि भले ही विधेयक को पारित कराने के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल पाया, लेकिन उन्हें विश्वास है कि देश की पूरी नारी शक्ति का समर्थन सरकार के साथ है।
“हमें जरूरी वोट नहीं मिला, लेकिन 100 प्रतिशत नारी शक्ति का आशीर्वाद हमारे साथ है। हमारा इरादा अडिग है—हम हर रुकावट को दूर करेंगे,” उन्होंने कहा।
विपक्ष पर बड़ा आरोप: “भ्रूण हत्या जैसा कृत्य”
प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने संसद में इस विधेयक की “राजनीतिक भ्रूण हत्या” कर दी। उनके अनुसार, कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और सपा जैसे दल इस स्थिति के जिम्मेदार हैं।
उन्होंने कहा कि ये पार्टियां महिलाओं के सशक्तिकरण से डरती हैं क्योंकि इससे उनके “परिवारवादी राजनीतिक ढांचे” को खतरा हो सकता है।
“परिवारवाद बनाम महिला सशक्तिकरण”
पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल नहीं चाहते कि उनके परिवार से बाहर की महिलाएं राजनीति में आगे आएं।
उन्होंने कहा,
“अगर महिलाएं सशक्त होंगी तो इन परिवारवादी पार्टियों का नेतृत्व खतरे में पड़ जाएगा। इसलिए ये महिलाएं आगे बढ़ें, यह इन्हें मंजूर नहीं।”b
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— Narendra Modi (@narendramodi) April 18, 2026
परिसीमन पर विपक्ष को घेरा
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि विपक्ष परिसीमन (Delimitation) को लेकर भ्रम फैला रहा है और झूठ बोल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष जानबूझकर इस मुद्दे को उलझाकर महिलाओं के अधिकारों को टालना चाहता है।
“कांग्रेस का इतिहास नकारात्मक रहा”
पीएम मोदी ने कांग्रेस के राजनीतिक इतिहास पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने हर बड़े राष्ट्रीय फैसले का विरोध किया है—चाहे वह धारा 370 हो, सीएए हो या ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीति “लटकाना, अटकाना और भटकाना” की रही है, जिससे देश का विकास प्रभावित हुआ।
सपा और अन्य दलों पर टिप्पणी
प्रधानमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि संसद में उनके व्यवहार को महिलाएं कभी नहीं भूलेंगी।
उन्होंने कहा,
“नारी सब भूल जाती है, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती।”
“यह अंत नहीं, शुरुआत है”
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण के लिए सरकार की लड़ाई खत्म नहीं हुई है।
उन्होंने कहा,
“यह हमारी लड़ाई का अंत नहीं, बल्कि शुरुआत है। हम हर बाधा को पार करेंगे और महिलाओं को उनका अधिकार दिलाकर रहेंगे।”
प्रधानमंत्री का यह संबोधन न केवल महिला आरक्षण विधेयक पर सरकार का पक्ष स्पष्ट करता है, बल्कि आने वाले समय में इस मुद्दे पर और तेज राजनीतिक संघर्ष के संकेत भी देता है।
महिला सशक्तिकरण जैसे अहम मुद्दे पर अब देश की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार भविष्य में इस विधेयक को पारित कराने में सफल हो पाएगी या नहीं।
बड़ी बातें (Key Highlights)
महिला आरक्षण बिल पर पीएम मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन
विपक्ष पर “महिलाओं के सपनों को कुचलने” का आरोप
“100% नारी शक्ति हमारे साथ” — पीएम
हर बाधा दूर कर बिल पास कराने का संकल्प
परिवारवाद बनाम महिला सशक्तिकरण की बहस तेज














