नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के विस्तार और उससे जुड़े सड़क व फ्लाईओवर प्रोजेक्ट राजधानी की परिवहन व्यवस्था को नई मजबूती देंगे। इससे न केवल लोगों की यात्रा तेज और सुगम होगी, बल्कि ट्रैफिक जाम और प्रदूषण में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।
आधुनिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर जोर
दिल्ली सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि एक मजबूत और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन प्रणाली विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है। बैठक में डीएमआरसी के वरिष्ठ अधिकारियों ने परियोजनाओं की प्रगति और चुनौतियों की जानकारी दी।
तेजी से बढ़ रहा मेट्रो नेटवर्क
अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली मेट्रो का मौजूदा नेटवर्क 416 किलोमीटर में फैला है, जिसमें 303 स्टेशन, 12 लाइनें और 32 इंटरचेंज स्टेशन शामिल हैं। इसके अलावा 104.45 किलोमीटर लंबा नया नेटवर्क और 81 स्टेशन निर्माणाधीन हैं। फेज-IV परियोजनाओं में लगभग 80 प्रतिशत तक भौतिक और वित्तीय प्रगति हो चुकी है।
प्रमुख कॉरिडोर और लक्ष्य
मजलिस पार्क से मौजपुर, जनकपुरी वेस्ट से कृष्णा पार्क एक्सटेंशन जैसे कई सेक्शन शुरू हो चुके हैं। वहीं मजलिस पार्क से आर.के. आश्रम, तुगलकाबाद से एरोसिटी और कृष्णा पार्क एक्सटेंशन से दीपाली चौक जैसे कॉरिडोर दिसंबर 2026 तक पूरे करने का लक्ष्य है, जिससे शहर के अलग-अलग हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
भविष्य की योजनाएं
फेज-IV के शेष कॉरिडोर—लाजपत नगर से साकेत जी ब्लॉक, इंद्रलोक से इंद्रप्रस्थ और रिठाला से कुंडली—पर काम शुरू हो चुका है, जिन्हें मार्च 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य है। साथ ही फेज-V(A) परियोजनाओं पर भी तेजी से काम जारी है।
फ्लाईओवर और सड़क परियोजनाएं
मेट्रो के साथ-साथ कई अहम फ्लाईओवर प्रोजेक्ट भी विकसित किए जा रहे हैं। आजादपुर से त्रिपोलिया चौक तक डबल-डेकर फ्लाईओवर और यमुना विहार से भजनपुरा तक का फ्लाईओवर लगभग पूरा होने की स्थिति में है। दक्षिण दिल्ली में एमबी रोड पर भी बड़े स्तर पर सड़क और फ्लाईओवर परियोजनाएं चल रही हैं।
चुनौतियों पर सरकार सतर्क
मुख्यमंत्री ने भूमि अधिग्रहण, पेड़ों की कटाई और अन्य अनुमतियों जैसी चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि इन समस्याओं का समाधान तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी और तय समय सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए।
दिल्ली में मेट्रो और सड़क ढांचे के विस्तार से आने वाले समय में आवागमन आसान होगा, प्रदूषण घटेगा और राजधानी की परिवहन व्यवस्था अधिक आधुनिक और प्रभावी बनेगी।














