पटना: नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री पद छोड़ सकते हैं, जबकि राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया भी तेज होती दिख रही है।
नए मुख्यमंत्री की तलाश तेज
सूत्रों के मुताबिक, बिहार के नए मुख्यमंत्री के लिए सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे चल रहा है। हालांकि, अंतिम फैसला एनडीए विधायक दल की बैठक में होगा। जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी ने संकेत दिया है कि नई सरकार के गठन की प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है।
बैठकों का दौर जारी
रविवार को सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री आवास ‘एक अणे मार्ग’ पर नीतीश कुमार से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब आधे घंटे तक चर्चा हुई। खास बात यह है कि पिछले 12 घंटों में यह उनकी दूसरी मुलाकात थी, जिससे राजनीतिक अटकलों को और बल मिला है। इस बैठक में जेडीयू के अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।
‘सीएम का फैसला बीजेपी करेगी’
विजय कुमार चौधरी ने साफ कहा कि मुख्यमंत्री पद के लिए नाम तय करना भारतीय जनता पार्टी का अधिकार है। उन्होंने बताया कि बीजेपी की अनुशंसा पर ही एनडीए विधायक दल का नेता चुना जाएगा और वही मुख्यमंत्री बनेगा। फिलहाल मंत्रिमंडल गठन को लेकर कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई है।
जेडीयू का दावा—नीतीश का रहेगा मार्गदर्शन
संजय झा ने कहा कि बिहार की जनता के दिल में नीतीश कुमार की मजबूत पकड़ है और नई सरकार भी उनके मार्गदर्शन में ही काम करेगी। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार का अनुभव और नेतृत्व राज्य के लिए आगे भी महत्वपूर्ण रहेगा।
विपक्ष पर निशाना
जेडीयू नेताओं ने विपक्ष, खासकर तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जेडीयू एक मजबूत और सिद्धांत आधारित पार्टी है, जिसे नीतीश कुमार ने वर्षों की मेहनत से खड़ा किया है।
बिहार में सत्ता परिवर्तन की अटकलों के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। जहां एक ओर नीतीश कुमार के इस्तीफे को लेकर चर्चा गर्म है, वहीं दूसरी ओर नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर मंथन जारी है। आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।














