Sunday, April 12, 2026
Your Dream Technologies
HomeLok Sabhaनारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विशेष सत्र से पहले सियासी टकराव: पीएम...

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विशेष सत्र से पहले सियासी टकराव: पीएम मोदी की अपील, खरगे के सवाल, बीजेपी का व्हिप जारी

नई दिल्ली: महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व में सशक्त बनाने वाले नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को लागू करने को लेकर 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है। इस सत्र से पहले सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाज़ी देखने को मिल रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी दलों के फ्लोर लीडर्स को पत्र लिखकर इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा में भाग लेने की अपील की है। उन्होंने अपने पत्र में याद दिलाया कि 2023 में यह विधेयक संसद में सर्वसम्मति से पारित हुआ था और सभी दलों ने मिलकर इसका समर्थन किया था। उन्होंने उम्मीद जताई कि महिलाओँ के सशक्तिकरण के इस प्रयास में सभी दल रचनात्मक भूमिका निभाएंगे।

खरगे का पलटवार: 30 महीने की देरी और संवाद की कमी

हालांकि, पीएम मोदी की अपील पर मल्लिकार्जुन खरगे ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जब सितंबर 2023 में यह कानून पारित हुआ था, तब ही इसे तुरंत लागू करने की मांग की गई थी, लेकिन सरकार ने 30 महीने तक इसे लागू नहीं किया।

खरगे ने यह भी आरोप लगाया कि विशेष सत्र बुलाने से पहले विपक्ष को भरोसे में नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार परिसीमन (डिलिमिटेशन) जैसे अहम मुद्दे पर कोई स्पष्ट जानकारी दिए बिना सहयोग की उम्मीद कर रही है, जिससे इस विषय पर सार्थक चर्चा संभव नहीं हो पाएगी।

सर्वदलीय बैठक की मांग

कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि विपक्षी दल लंबे समय से 29 अप्रैल 2026 के बाद सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग कर रहे थे, ताकि प्रस्तावित संवैधानिक संशोधनों और परिसीमन जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी माहौल के बीच विशेष सत्र बुलाना सरकार की राजनीतिक मंशा को दर्शाता है।

सरकार के फैसलों पर उठाए सवाल

खरगे ने सरकार के पिछले निर्णयों—नोटबंदी, GST, जनगणना और संघीय ढांचे से जुड़े मामलों—का हवाला देते हुए कहा कि सरकार का रिकॉर्ड भरोसा पैदा नहीं करता। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे महत्वपूर्ण संवैधानिक बदलावों पर सभी राज्यों और राजनीतिक दलों की राय लेना जरूरी है।

बीजेपी का ‘थ्री-लाइन व्हिप’

सत्र से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने सांसदों के लिए लोकसभा और राज्यसभा में ‘थ्री-लाइन व्हिप’ जारी किया है। इसमें सभी सांसदों को तीनों दिन सदन में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने और पार्टी लाइन के अनुसार मतदान करने का निर्देश दिया गया है।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने के लिए बुलाए गए इस विशेष सत्र ने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है। एक तरफ सरकार इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसके समय, प्रक्रिया और पारदर्शिता पर सवाल उठा रहा है। आने वाले दिनों में यह सत्र न केवल इस कानून के भविष्य बल्कि संसद में सत्ता-विपक्ष के समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है।

- Advertisement -
Your Dream Technologies
VIKAS TRIPATHI
VIKAS TRIPATHIhttp://www.pardaphaas.com
VIKAS TRIPATHI भारत देश की सभी छोटी और बड़ी खबरों को सामने दिखाने के लिए "पर्दाफास न्यूज" चैनल को लेके आए हैं। जिसके लोगो के बीच में करप्शन को कम कर सके। हम देश में समान व्यवहार के साथ काम करेंगे। देश की प्रगति को बढ़ाएंगे।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments

Call Now Button