पटना:बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आ रहा है। लंबे समय से मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार अब राज्यसभा सांसद बन चुके हैं और जल्द ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की तैयारी में हैं। उनके इस्तीफे से पहले ही पटना स्थित सरकारी आवास एक अन्ने मार्ग को खाली करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार इस्तीफे के बाद 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास में शिफ्ट होंगे, जहां वह पहले भी मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद रह चुके हैं। हाल ही में एक वीडियो में उनका सामान ट्रैक्टर के जरिए नए आवास में शिफ्ट होते हुए देखा गया।
राज्यसभा में शपथ, नया रिकॉर्ड शुक्रवार को राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हो गए हैं जिन्होंने संसद और विधानसभा के चारों सदनों में सदस्य के रूप में कार्य किया है। शपथ उन्हें उपराष्ट्रपति C. P. Radhakrishnan ने दिलाई।
इस उपलब्धि के साथ वह उन नेताओं की सूची में शामिल हो गए हैं जिनमें Lalu Prasad Yadav, Sushil Kumar Modi, Upendra Kushwaha और Ramkripal Yadav जैसे नाम शामिल हैं।
नीतीश कुमार के घर का समान धीरे धीरे मुख्यमंत्री आवास से सात सर्कुलर रोड में शिफ्ट किया जा रहा है।
यह बदलाव केवल एक पते का नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत का संकेत भी है। #Bihar #nitishkumar pic.twitter.com/n1zoLuFtVV
— Mukesh singh (@Mukesh_Journo) April 11, 2026
बिहार में सत्ता का नया समीकरण
नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद राज्य में सत्ता संतुलन पूरी तरह बदलने जा रहा है। सूत्रों के अनुसार:
Bharatiya Janata Party (बीजेपी) का मुख्यमंत्री बनेगा
Janata Dal (United) (जेडीयू) के दो उपमुख्यमंत्री होंगे
कैबिनेट में बीजेपी के लगभग 15 मंत्री और जेडीयू के 16 मंत्री शामिल हो सकते हैं
विधानसभा में स्पीकर बीजेपी का रहेगा, जबकि विधान परिषद में जेडीयू को अध्यक्ष पद मिल सकता है
गृह मंत्रालय बीजेपी के पास ही रहने की संभावना है
सबसे अहम चर्चा यह है कि नीतीश कुमार के पुत्र Nishant Kumar को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है, जबकि एक अन्य वरिष्ठ नेता को दूसरा डिप्टी सीएम पद मिलेगा।
राजनीतिक मायने
नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री पद छोड़कर केंद्र की राजनीति में सक्रिय होना बिहार की सियासत में एक बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। यह कदम न केवल राज्य के सत्ता समीकरण को बदलेगा, बल्कि आगामी चुनावों के लिए नई रणनीतियों को भी जन्म देगा।
फिलहाल, सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि बीजेपी किसे मुख्यमंत्री बनाती है और जेडीयू के हिस्से में आने वाले उपमुख्यमंत्री पद पर अंतिम फैसला क्या होता है।
बिहार में एक युगांतकारी राजनीतिक बदलाव की शुरुआत हो चुकी है—जहां एक ओर Nitish Kumar का लंबा मुख्यमंत्री कार्यकाल समाप्ति की ओर है, वहीं दूसरी ओर नई सत्ता संरचना राज्य की राजनीति को नई दिशा देने के लिए तैयार है।














