पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ All India Trinamool Congress (टीएमसी) को बड़ा झटका लगा है। कृष्णानगर उत्तर विधानसभा सीट से पार्टी उम्मीदवार अभिनव भट्टाचार्य का नामांकन कानूनी कारणों से रद्द कर दिया गया है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, रिटर्निंग ऑफिसर ने रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट की धारा 9A के तहत उनका नामांकन निरस्त किया। जांच में पाया गया कि अभिनव भट्टाचार्य राज्य सरकार से जुड़े एक बिजनेस एग्रीमेंट में शामिल थे। चुनावी नियमों के मुताबिक, अगर कोई उम्मीदवार सरकार के साथ किसी प्रकार के व्यापारिक लेन-देन या सरकारी काम से जुड़ा है, तो वह चुनाव लड़ने के योग्य नहीं होता।
दरअसल, पिछले मंगलवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शांतिपुर में आयोजित एक जनसभा में अभिनव भट्टाचार्य को कृष्णानगर उत्तर सीट से पार्टी उम्मीदवार के रूप में पेश किया था और उनकी तारीफ भी की थी। लेकिन कानूनी जांच के बाद उनका नामांकन खारिज कर दिया गया।
चुनाव आयोग के अधिकारियों का कहना है कि सरकारी सप्लाई या सरकारी काम से जुड़े रहते हुए नामांकन दाखिल करना चुनाव कानून का उल्लंघन है। इसी कारण धारा 9A के तहत उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी गई।
हालांकि, संभावित स्थिति को देखते हुए टीएमसी ने पहले ही वैकल्पिक उम्मीदवार का इंतजाम कर रखा था। पार्टी की ओर से सोमनाथ दत्ता ने भी नामांकन पत्र दाखिल किया था। अब वे कृष्णानगर उत्तर सीट से तृणमूल कांग्रेस के आधिकारिक उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगे।
कृष्णानगर की सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि अभिनव भट्टाचार्य का नामांकन तकनीकी कारणों से रद्द हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सोमनाथ दत्ता अब इस सीट से टीएमसी के उम्मीदवार होंगे।
महुआ मोइत्रा ने यह भी कहा कि उम्मीदवार बदलने से पार्टी को कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले ही कहा है कि यह चुनाव तृणमूल कांग्रेस के “जोड़ाफूल” चुनाव चिन्ह के लिए है। साथ ही उन्होंने बताया कि अभिनव भट्टाचार्य भी सोमनाथ दत्ता के समर्थन में चुनाव प्रचार करेंगे।
कृष्णानगर उत्तर सीट पर उम्मीदवार बदलने के बाद अब इस क्षेत्र का चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।














