पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी के काफिले से जुड़ी एक बड़ी घटना सामने आई है। जिबंती इलाके के पास उनके काफिले की एक गाड़ी को तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी, जिससे कई सुरक्षाकर्मी और कर्मचारी घायल हो गए।
यह घटना मंगलवार शाम करीब 6:45 बजे हुई, जब अधीर रंजन चौधरी कांडी में अपना चुनावी अभियान समाप्त करने के बाद बहरामपुर लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि काफिले में शामिल वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
‘जानबूझकर किया गया हमला?’
इस घटना के बाद चौधरी के कार्यालय की ओर से जारी बयान में आशंका जताई गई है कि यह महज हादसा नहीं, बल्कि एक साजिश भी हो सकती है। कार्यालय ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों ने तुरंत स्थानीय पुलिस इंस्पेक्टर से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
सुरक्षाकर्मी और कर्मचारी घायल
हादसे में काफिले के साथ मौजूद कई सुरक्षाकर्मी और कर्मचारी घायल हो गए। उन्हें तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। हालांकि, अधीर रंजन चौधरी इस घटना में सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
बंगाल में राजनीतिक तनाव के बीच घटना
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल काफी गरम है और विभिन्न दलों के बीच टकराव की घटनाएं भी सामने आ रही हैं।
इसी बीच हुगली जिले के बांडेल इलाके में एक टीएमसी कार्यकर्ता की कार पर पत्थरबाजी का मामला सामने आया है, जिसमें स्थानीय व्यक्ति ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उनकी खड़ी स्कॉर्पियो कार पर पत्थर फेंककर शीशे तोड़ दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह हमला भाजपा समर्थकों द्वारा किया गया।
सिलीगुड़ी में बीजेपी-टीएमसी आमने-सामने
उधर सिलीगुड़ी में भी भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के बीच पोस्टर लगाने को लेकर विवाद सामने आया है। दोनों दलों ने एक-दूसरे पर राजनीतिक तोड़फोड़ और पोस्टर हटाने के आरोप लगाए हैं।
बीजेपी उम्मीदवार शंकर घोष ने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी से जुड़े लोग रात के अंधेरे में भाजपा के झंडे हटाते नजर आए। वहीं टीएमसी उम्मीदवार गौतम देब ने भी इस मामले में पुलिस से शिकायत की है।
इन घटनाओं के बाद राज्य में चुनावी माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया है, और विपक्षी दल प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं।














