नई दिल्ली: मध्य पूर्व में तेजी से बिगड़ते हालात के बीच विदेश मंत्रालय ने ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों के लिए अहम एडवाइजरी जारी की है। मंत्रालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी भारतीय नागरिक अगले 48 घंटे तक जहां हैं, वहीं रहें, सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और किसी भी प्रकार की आवाजाही से बचें।
एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि किसी भी आपात स्थिति या यात्रा से पहले भारतीय दूतावास से संपर्क करना अनिवार्य है। यह कदम ईरान में तेजी से बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए उठाया गया है।
हमलों के बाद बढ़ा तनाव
दरअसल, अमेरिका और इजराइल ने ईरान के खर्ग आइलैंड और रेल नेटवर्क पर हमले किए हैं। इन हमलों के बाद ईरान के कई शहरों में ब्लैकआउट की स्थिति पैदा हो गई है और पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है।
ट्रंप की कड़ी चेतावनी
हमले के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है” और इसे इतिहास का सबसे अहम क्षण बताया। उन्होंने ईरान को पहले भी चेतावनी दी थी कि अगर तय समयसीमा तक होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला गया, तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
अमेरिकी नेतृत्व के बयान और सख्त हुए
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि “आज रात आर्थिक आतंकवाद खत्म किया जाएगा” और आरोप लगाया कि ईरान क्षेत्र में आर्थिक अस्थिरता फैला रहा है।
ईरान का जवाबी हमला
हमलों के जवाब में ईरान ने भी पलटवार करते हुए मिडिल ईस्ट में अमेरिकी तेल और गैस ठिकानों को निशाना बनाया। इसके अलावा इजराइली सैन्य ठिकानों पर भी हवाई हमले किए गए हैं। इससे क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बन गए हैं।
भारतीय नागरिकों के लिए अलर्ट
इस पूरे घटनाक्रम के बीच विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों से अपील की है कि वे पूरी सतर्कता बरतें, अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करें।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात इसी तरह बिगड़ते रहे, तो इसका असर वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति और आर्थिक स्थिति पर भी पड़ सकता है। फिलहाल, सभी की नजरें इस संकट के अगले घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।














