1 अप्रैल 2026 से PAN (Permanent Account Number) से जुड़े कई अहम नियम लागू होने जा रहे हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों के वित्तीय लेनदेन और PAN आवेदन प्रक्रिया पर पड़ेगा। नए नियमों का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना, फर्जीवाड़े पर रोक लगाना और दस्तावेज़ी प्रक्रिया को अधिक सटीक बनाना है।
PAN आवेदन में बड़ा बदलाव
अब PAN बनवाने के लिए केवल Aadhaar Card पर्याप्त नहीं होगा। आवेदकों को अपनी पहचान और जन्मतिथि के सत्यापन के लिए अतिरिक्त दस्तावेज़ जमा करने होंगे। इनमें जन्म प्रमाण पत्र, वोटर आईडी, 10वीं की मार्कशीट, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या मजिस्ट्रेट द्वारा जारी हलफनामा शामिल हैं।
साथ ही यह भी अनिवार्य कर दिया गया है कि PAN पर दर्ज नाम पूरी तरह आधार से मेल खाए। आवेदन करते समय अब अलग-अलग श्रेणियों के लिए नए फॉर्म लागू होंगे—व्यक्तियों के लिए फॉर्म 93, कंपनियों के लिए फॉर्म 94, विदेशी व्यक्तियों के लिए फॉर्म 95 और विदेशी संस्थाओं के लिए फॉर्म 96।
फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन में नए नियम
नए नियमों के तहत PAN के उपयोग को लेकर भी कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं:
डिपॉजिट और विड्रॉल: अब PAN तभी जरूरी होगा जब एक वित्तीय वर्ष में कुल जमा या निकासी 10 लाख रुपये से अधिक हो।
वाहन खरीद: PAN की अनिवार्यता अब सिर्फ उन गाड़ियों पर होगी जिनकी कीमत 5 लाख रुपये से ज्यादा है।
इंश्योरेंस पॉलिसी: अब हर बीमा पॉलिसी लेने पर PAN देना अनिवार्य होगा, चाहे प्रीमियम कितना भी हो।
प्रॉपर्टी ट्रांजेक्शन: PAN की अनिवार्यता की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई है।
होटल/रेस्टोरेंट/इवेंट भुगतान: 50,000 रुपये की सीमा बढ़ाकर अब 1 लाख रुपये कर दी गई है, जिसके ऊपर PAN देना जरूरी होगा।
आवेदन करते समय ध्यान रखने वाली बातें
आवेदकों को सलाह दी गई है कि वे पहले से अपने आधार की जानकारी (खासकर नाम) की जांच कर लें और जरूरी दस्तावेज़ तैयार रखें, ताकि आवेदन में देरी या अस्वीकृति से बचा जा सके। साथ ही 1 अप्रैल 2026 से लागू नए फॉर्म का ही उपयोग करना अनिवार्य होगा।
इन बदलावों के साथ सरकार ने PAN को और अधिक सख्त और व्यवस्थित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है, जिससे वित्तीय प्रणाली में पारदर्शिता और निगरानी दोनों मजबूत होंगी।














