देश की राजनीति के लिहाज से आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। भारत निर्वाचन आयोग आज वर्ष 2026 में होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा करने जा रहा है। इस घोषणा के लिए चुनाव आयोग ने शाम करीब 4 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की है, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार चुनाव कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देंगे।
इस बार जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं उनमें असम, केरल, तमिलनाडु,पश्चिम बंगालऔर केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी शामिल हैं। इन सभी राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल मई और जून 2026 के बीच अलग-अलग तारीखों पर समाप्त होने वाला है, इसलिए संवैधानिक प्रक्रिया के तहत समय रहते चुनाव कराना जरूरी है।
चुनाव कार्यक्रम का देश की राजनीति पर असर
पांच राज्यों में होने वाले ये विधानसभा चुनाव देश की राजनीति के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं। इन राज्यों में कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों की प्रतिष्ठा दांव पर होगी। जैसे ही चुनाव आयोग तारीखों की घोषणा करेगा, वैसे ही इन राज्यों में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी और राजनीतिक गतिविधियां तेज हो जाएंगी।
चुनाव आयोग ने चुनाव कार्यक्रम तय करने से पहले इन राज्यों में चुनाव तैयारियों की समीक्षा भी पूरी कर ली है। प्रशासनिक व्यवस्थाओं, सुरक्षा प्रबंधों, मतदान केंद्रों की स्थिति और चुनावी लॉजिस्टिक्स को ध्यान में रखते हुए चुनाव कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया गया है।
असम में 126 सीटों पर होगा चुनाव
Assam की बात करें तो यहां कुल 126 विधानसभा सीटें हैं। फिलहाल राज्य में एनडीए गठबंधन की सरकार है और मुख्यमंत्री के रूप में Himanta Biswa Sarma नेतृत्व कर रहे हैं। असम का चुनाव उत्तर-पूर्व की राजनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और यहां सत्तारूढ़ गठबंधन के सामने सत्ता बरकरार रखने की चुनौती होगी।
मतदाता सूचियों का विशेष पुनरीक्षण पूरा
चुनाव आयोग ने चुनाव से पहले मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) भी पूरा कर लिया है। इसके तहत चार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की अंतिम मतदाता सूचियां जारी कर दी गई हैं। इससे चुनावी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की कोशिश की गई है।
चुनाव घोषणा से पहले सियासी बयानबाज़ी
हालांकि चुनाव कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा से पहले ही सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। Shiv Sena (Uddhav Balasaheb Thackeray) के सांसद संजय राउत ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए तीखी टिप्पणी की है।
#WATCH | Mumbai | On EC likely to announce election schedule for poll-bound states today, Shiv Sena (UBT) MP Sanjay Raut says, “I don’t know where the Election Commission’s press conference will be held. Perhaps at the BJP office. The Election Commission today is an extended… pic.twitter.com/JKOhWXvtQq
— ANI (@ANI) March 15, 2026
संजय राउत ने कहा कि उन्हें यह तक नहीं पता कि चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस कहां होने वाली है। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि शायद यह प्रेस कॉन्फ्रेंस भारतीय जनता पार्टी के दफ्तर में हो। राउत ने आरोप लगाया कि आज चुनाव आयोग भारतीय जनता पार्टी की एक विस्तारित शाखा बन गया है और उन्हें इस संस्था पर भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग में बैठे लोग भाजपा के लिए काम कर रहे हैं।
राजनीतिक माहौल और भी गर्म होने की संभावना
चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही इन पांचों राज्यों में राजनीतिक माहौल और भी गर्म होने की संभावना है। राजनीतिक दल उम्मीदवारों के चयन, चुनावी गठबंधनों और प्रचार रणनीति को अंतिम रूप देने में जुट जाएंगे।
विशेष रूप से West Bengal, Tamil Nadu और Kerala जैसे राज्यों में चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प रहने की उम्मीद है, जहां क्षेत्रीय दलों और राष्ट्रीय पार्टियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है।
पूरे देश की नजर शाम 4 बजे की घोषणा पर
फिलहाल राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और मतदाताओं की नजर शाम 4 बजे होने वाली चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हुई है। इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह स्पष्ट होगा कि इन पांचों राज्यों में चुनाव कितने चरणों में होंगे, नामांकन की तारीखें क्या होंगी, मतदान कब कराया जाएगा और मतगणना की तिथि क्या होगी।
जैसे ही चुनाव कार्यक्रम की घोषणा होगी, देश के इन पांच राज्यों में लोकतंत्र का सबसे बड़ा उत्सव शुरू हो जाएगा और राजनीतिक गतिविधियां अपने चरम पर पहुंच जाएंगी।














