ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित इरोस संपूर्णम सोसाइटी के सामने सेक्टर-2 की एंट्री पर हाल ही में कराए गए सड़क निर्माण कार्य में गंभीर खामियां सामने आई हैं। स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों ने आरोप लगाया है कि सड़क बनने के बावजूद उसके बीचों-बीच बिजली के खंभे अब भी खड़े हैं, जिससे यह स्थान एक संभावित दुर्घटना स्थल बन गया है।
सड़क निर्माण में गंभीर लापरवाही
क्षेत्रवासियों के अनुसार, दो प्रमुख स्थान ऐसे हैं जहां स्थिति बेहद चिंताजनक है:
एक स्थान पर सड़क के बिल्कुल बीच में बिजली का खंभा खड़ा है
दूसरे स्थान पर दो खंभों के बीच से सड़क निकाली गई है
इन स्थितियों के कारण वाहन चालकों को अचानक मोड़ लेना पड़ता है, जिससे टकराव, खासकर रात और तेज रफ्तार के दौरान, की आशंका बढ़ जाती है।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी
गौतम बुद्ध नगर विकास समिति की अध्यक्ष रश्मि पांडेय ने इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि:
“जनसुविधा के लिए बनाई जा रही सड़क पर इस प्रकार की सुरक्षा खामियां बेहद चिंताजनक हैं। यह या तो निर्माण में घोर लापरवाही का परिणाम है या फिर जानबूझकर की गई अनदेखी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि संबंधित ठेकेदार के कार्य को प्राधिकरण ने किस आधार पर स्वीकृति दी।”
उन्होंने यह भी मांग की कि इस पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
भविष्य में बढ़ सकता है खतरा
समिति के उपाध्यक्ष हिमांशु राजपूत ने बताया कि यह मार्ग आने वाले समय में एक प्रमुख कनेक्टिविटी रूट बनने वाला है।
सर्दियों में घने कोहरे के दौरान दृश्यता बेहद कम हो जाती है
सड़क के बीच खंभों की मौजूदगी से हादसों का जोखिम कई गुना बढ़ सकता है
दोपहिया और पैदल चलने वाले लोगों के लिए यह स्थिति और अधिक खतरनाक है
इरोस संपूर्णम के सामने सेक्टर 2️⃣ एंट्री पर @OfficialGNIDA द्वारा सड़क बनाई गई है, लेकिन बीच सड़क में खंभे खड़े हैं। सर्दी में कोहरे के दौरान यहां जोखिम और अधिक बढ़ जाएगा, जिससे गंभीर हादसे होने की आशंका है। @UPGovt @Noidatraffic @dcptrafficnoida @myogiadityanath @Dkumarchandel pic.twitter.com/ttekINUanv
— गौतमबुद्ध नगर विकास समिति (@GBNVikasSamiti) April 22, 2026
प्राधिकरण की भूमिका पर सवाल
इस पूरे मामले में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं:
क्या निर्माण से पहले उचित सर्वेक्षण किया गया था?
क्या विद्युत विभाग के साथ समन्वय स्थापित किया गया?
सुरक्षा ऑडिट के बिना सड़क को उपयोग के लिए कैसे खोल दिया गया?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो यह मामला बड़े हादसे में बदल सकता है।
प्रमुख मांगें
गौतम बुद्ध नगर विकास समिति ने प्रशासन के सामने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
सड़क के बीच मौजूद सभी बिजली खंभों को तुरंत हटाकर सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए
पूरे मार्ग का सुरक्षा ऑडिट कराया जाए
निर्माण कार्य में लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर कार्रवाई हो
भविष्य में ऐसे कार्यों के लिए सख्त गुणवत्ता मानक लागू किए जाएं
ग्रेटर नोएडा वेस्ट जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र में इस प्रकार की बुनियादी खामियां न केवल प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती हैं, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा हैं। समय रहते सुधारात्मक कदम उठाना बेहद आवश्यक है, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।














