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गाजीपुर – अभियोजन समीक्षा बैठक: जून में 64 मुकदमों का निस्तारण, कई मामलों में दोषियों को सजा

गाजीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अभियोजन कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जून 2026 के दौरान विभिन्न न्यायालयों में लंबित मामलों की प्रगति, सजा का प्रतिशत, गवाहों की उपस्थिति तथा जमानत प्रार्थना पत्रों के निस्तारण की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अभियोजन अधिकारियों को प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने और गंभीर मामलों में दोषसिद्धि बढ़ाने के निर्देश दिए।

जून में 64 मुकदमों का हुआ निस्तारण

समीक्षा के दौरान बताया गया कि जून 2026 में भारतीय दंड संहिता के तहत 58 मामलों का निस्तारण हुआ। इनमें 11 मामलों में दोषियों को सजा मिली, एक मामले में अभियुक्त बरी हुआ, 12 मामलों का निस्तारण समझौते के आधार पर तथा 34 मामलों का कमिट के आधार पर हुआ। वहीं अन्य अधिनियमों के तहत छह मामलों का निस्तारण हुआ, जिनमें दो मामलों में सजा और चार में अभियुक्त रिहा हुए।

दहेज हत्या और हत्या के मामलों में कड़ी सजा

बैठक में बताया गया कि थाना मुहम्मदाबाद और नोनहरा के दहेज हत्या के दो मामलों में न्यायालय ने अभियुक्तों को 10-10 वर्ष के कारावास और ₹10,000 अर्थदंड की सजा सुनाई। दोनों मामलों में जिला शासकीय अधिवक्ता कृपाशंकर राय ने प्रभावी पैरवी की।

थाना बरेसर के हत्या एवं आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले में अभियुक्त कमलेशी देवी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। वहीं थाना गहमर के चर्चित हत्या मामले में अभियुक्त अमजद खान को एडीजे प्रथम न्यायालय ने मृत्युदंड से दंडित किया। इस मामले की पैरवी एडीजीसी अखिलेश सिंह ने की।

पॉक्सो मामलों में भी हुई दोषसिद्धि

थाना रेवतीपुर, खानपुर और दुल्लहपुर से संबंधित पॉक्सो मामलों में भी न्यायालय ने दोषियों को सजा सुनाई। इनमें दो मामलों में अभियुक्तों को 10-10 वर्ष के कारावास तथा एक मामले में चार दिन के कारावास की सजा दी गई। इन मामलों में लोक अभियोजकों ने प्रभावी पैरवी कर दोषसिद्धि सुनिश्चित कराई।

गवाहों की उपस्थिति और जमानत मामलों की समीक्षा

बैठक में बताया गया कि कुल 331 सम्मन और वारंट जारी किए गए, जिनमें 238 की तामील हुई। 185 गवाह न्यायालय में उपस्थित हुए, जिनमें से 172 के बयान दर्ज कराए गए। सत्र न्यायालयों में 328 सम्मन जारी हुए, जिनमें 281 की तामील हुई और 232 गवाहों का परीक्षण कराया गया।

जून माह में गंभीर धाराओं के 145 जमानत प्रार्थना पत्र दायर हुए। इनमें 79 जमानत आवेदन स्वीकृत तथा 66 खारिज किए गए।

जिलाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश

बैठक में अपर जिलाधिकारी (भू-राजस्व) ने जिला शासकीय अधिवक्ता एवं लोक अभियोजकों को निर्देश दिए कि जिन मामलों में अभियुक्त बरी हुए हैं, उनकी पुनः समीक्षा कर आवश्यक होने पर अपील का प्रस्ताव तैयार किया जाए। साथ ही पक्षद्रोही होने वाले गवाहों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने, प्रत्येक माह एक केस डायरी तैयार कर विवेचना की कमियों का विश्लेषण करने तथा दोषसिद्धि की दर बढ़ाने के लिए अभियोजन और पुलिस के बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया गया।

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