गोरखपुर। उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात एक सिपाही के राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय होने और विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी का मामला चर्चा में है। गोरखपुर में डायल-112 में तैनात सिपाही श्याम सुंदर चौहान पर ड्यूटी से लंबे समय तक अनुपस्थित रहने और समाजवादी पार्टी के कार्यक्रमों में शामिल होकर संतकबीर नगर की धनघटा विधानसभा सीट से टिकट की दावेदारी करने का आरोप है। बताया जा रहा है कि करीब तीन महीने पहले विभागीय अधिकारियों को इसकी जानकारी मिलने के बाद उसे निलंबित कर दिया गया था। इसके बावजूद वह पुलिस लाइन में भी हाजिर नहीं हुआ।
सोशल मीडिया पर सपा के प्रचार में सक्रिय
श्याम सुंदर चौहान सोशल मीडिया पर समाजवादी पार्टी के कार्यक्रमों और नेताओं के साथ अपनी तस्वीरें साझा करता रहा है। उसके पोस्टरों में नाम के साथ सिपाही भी लिखा हुआ है। लाल टोपी पहनकर वह सपा के वरिष्ठ नेताओं के स्वागत कार्यक्रमों में शामिल होता रहा है। सोशल मीडिया पर उसकी एक पोस्ट में लिखा है, “लाल टोपी पहनकर चलो, समाजवाद संग आगे बढ़ो।” वह मंच से सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने की अपील भी करता रहा है।
धनघटा से टिकट की दावेदारी
श्याम सुंदर मूल रूप से संतकबीर नगर जिले के महुली थाना क्षेत्र के नैना झाला गांव का निवासी है। वह वर्ष 1994 बैच का पुलिसकर्मी है और अब तक 11 जिलों में तैनात रह चुका है। वर्ष 2023 में कुशीनगर से स्थानांतरण के बाद उसे गोरखपुर में डायल-112 में तैनाती मिली थी। इसी दौरान उसने धनघटा विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां शुरू कर दीं। सोशल मीडिया पर वर्ष 2023 से ही क्षेत्र के लोगों को शुभकामनाएं देने और स्थानीय गतिविधियों से जुड़ी पोस्ट साझा करने का सिलसिला जारी है।
सपा की समीक्षा बैठक में किया संबोधित
करीब एक महीने पहले संतकबीर नगर के धनघटा क्षेत्र के लोहरेया में सपा की बूथ अध्यक्षों, जोन प्रभारियों और सेक्टर प्रभारियों की समीक्षा बैठक हुई थी। इसमें श्याम सुंदर ने मंच से खुद को सिपाही बताते हुए कार्यकर्ताओं का स्वागत किया। धनघटा के लोहरेया और अन्य गांवों में भी वह पार्टी कार्यकर्ताओं से संपर्क करता रहा है।
संतकबीर नगर के धनघटा में आयोजित एक अन्य बैठक में उसने आरक्षण और संविधान को लेकर अपनी बात रखी थी। उसने भाजपा के दलित जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए सपा के साथ आने की अपील की थी।
ड्यूटी से गैरहाजिरी पर उठे सवाल
श्याम सुंदर के लंबे समय तक ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के दौरान उसकी हाजिरी दर्ज होने को लेकर भी सवाल उठे हैं। हालांकि, विभागीय स्तर पर हाजिरी दर्ज होने के मामले की स्थिति स्पष्ट नहीं है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए वह धनघटा सीट से अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटा है।















