भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी है, लेकिन अभी अंतिम सहमति नहीं बन पाई है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, डील को तुरंत अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद नहीं है। दोनों देशों के बीच कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर अभी भी मतभेद बने हुए हैं।
ग्रीर और पीयूष गोयल के बीच हुई बातचीत
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने बताया कि अमेरिका भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस सप्ताह मिल्वौकी में हुई G20 ट्रेड मिनिस्टर्स की बैठक के दौरान भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के साथ उनकी बातचीत “बहुत सकारात्मक” रही।
ग्रीर के अनुसार, दोनों पक्षों ने उन मुद्दों की पहचान कर ली है जिन पर अभी सहमति नहीं बन पाई है और उन्हें सुलझाने के लिए बातचीत जारी है।
मोदी और ट्रंप के बीच भी हुई बातचीत
इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत हुई। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग जारी रखने पर चर्चा की।
बातचीत में व्यापार के अलावा रक्षा, ऊर्जा और महत्वपूर्ण तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा भी की गई।
किन मुद्दों पर बना हुआ है मतभेद?
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर पिछले कई महीनों से बातचीत चल रही है। मौजूदा वार्ता में बाजार तक पहुंच और टैरिफ प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं।
भारत की ओर से रूस से तेल खरीद को लेकर लगाए गए नए अमेरिकी शुल्कों पर भी चिंता जताई गई है। ऐसे में दोनों देशों के अधिकारी इन मुद्दों पर समाधान तलाशने की कोशिश कर रहे हैं।
पीयूष गोयल 29 सितंबर से 5 अक्टूबर तक अमेरिका की यात्रा पर हैं। इस दौरान वे अमेरिकी अधिकारियों, व्यापारिक नेताओं और मैन्युफैक्चरिंग व टेक्नोलॉजी कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर रहे हैं।
फिलहाल दोनों देशों के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने की बात कही जा रही है, लेकिन अंतिम व्यापार समझौते के लिए अभी कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है।















