गाजीपुर। जनपद में वीबी-जीरामजी योजना के तहत अब तक 12 लाख मानव दिवस का सृजन किया गया है, जो सितंबर 2026 तक निर्धारित 20 लाख के लक्ष्य का 60 प्रतिशत है। योजना के अंतर्गत जिले में कुल 5.40 लाख श्रमिक पंजीकृत हैं, जिनमें 3.12 लाख सक्रिय श्रमिक हैं। वहीं, सृजित मानव दिवस के सापेक्ष 10 लाख मानव दिवस का भुगतान किया जा चुका है।
मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद की अध्यक्षता में बुधवार को उनके कार्यालय कक्ष में आयोजित प्रेसवार्ता में योजना की प्रगति की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि जनपद में वीबी-जीरामजी योजना एक जुलाई 2026 से क्रियान्वित है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में शासन ने अकुशल श्रमिकों के लिए 300 रुपये प्रतिदिन मजदूरी निर्धारित की है।
सीडीओ ने बताया कि शासन स्तर से श्रमांश के रूप में जनपद को कुल 95.62 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। इसमें सामान्य श्रेणी के श्रमिकों के लिए 72.78 करोड़, अनुसूचित जाति के श्रमिकों के लिए 21.74 करोड़ और अनुसूचित जनजाति के श्रमिकों के लिए 1.10 करोड़ रुपये शामिल हैं।
निर्धारित मजदूरी के अनुसार सृजित मानव दिवस पर कुल 31.06 करोड़ रुपये की देयता बनी है। इसमें से 17.03 करोड़ रुपये ट्रेजरी के माध्यम से श्रमिकों के खातों में भेजे जा चुके हैं। शेष 14.03 करोड़ रुपये के भुगतान के लिए विकासखंड, जनपद और ट्रेजरी स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। इसका भुगतान शीघ्र कराने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि सामग्री मद में 12.47 करोड़ और प्रशासनिक मद में 4.67 करोड़ रुपये अग्रिम रूप से प्राप्त हुए हैं। सामग्री मद में विकासखंडों द्वारा 5.56 करोड़ रुपये की देयता सृजित की गई है, जिसमें से 2.22 करोड़ रुपये के भुगतान के लिए डोंगल का प्रयोग किया गया है। वहीं, प्रशासनिक मद में 1.13 करोड़ रुपये की देयता सृजित हुई है, जिसमें से 85 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है।















