Saturday, July 4, 2026
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नोएडा में मोबाइल स्नैचर गैंग का ‘पर्दाफाश’ : सेक्टर-63 पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 28 मोबाइल, चोरी की स्कूटी और अवैध चाकू बरामद

“लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से खुला राज, तीन शातिर आरोपी गिरफ्तार”

नोएडा। कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस की थाना सेक्टर-63 पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए मोबाइल फोन स्नैचिंग, चोरी और टप्पेबाजी करने वाले शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 28 चोरी और स्नैचिंग किए गए मोबाइल फोन, दो अवैध चाकू और दिल्ली से चोरी की गई एक स्कूटी बरामद की है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह गिरोह नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न इलाकों में लंबे समय से सक्रिय था और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर लोगों को अपना निशाना बनाता था। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में सक्रिय मोबाइल स्नैचिंग नेटवर्क के कई अहम राज खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।


एच ब्लॉक में दबिश, तीनों आरोपी चढ़े पुलिस के हत्थे

थाना सेक्टर-63 पुलिस ने 04 जुलाई 2026 को लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से एच ब्लॉक क्षेत्र में घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस टीम को काफी समय से सूचना मिल रही थी कि कुछ शातिर बदमाश क्षेत्र में लगातार मोबाइल फोन चोरी और स्नैचिंग की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहित कुमार, गौरव कुमार और रवेन्द्र के रूप में हुई है। पुलिस ने जब इनकी तलाशी ली तो इनके कब्जे से अलग-अलग कंपनियों के 28 मोबाइल फोन बरामद हुए। जांच में सामने आया कि ये मोबाइल फोन टप्पेबाजी, स्नैचिंग और चोरी की घटनाओं से जुड़े हुए हैं।

इसके अलावा आरोपियों के पास से दो अवैध चाकू भी बरामद किए गए, जबकि जिस स्कूटी का इस्तेमाल ये वारदातों में करते थे वह दिल्ली से चोरी की गई निकली। स्कूटी का रजिस्ट्रेशन नंबर DL14SZ4379 बताया गया है।


भीड़भाड़ वाले इलाकों में बनाते थे निशाना

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपियों ने बताया कि वे मेट्रो स्टेशन, बस स्टैंड, बाजार और भीड़भाड़ वाले इलाकों में लोगों की गतिविधियों पर नजर रखते थे।

जैसे ही कोई व्यक्ति मोबाइल फोन इस्तेमाल करता दिखाई देता, आरोपी मौका पाकर मोबाइल झपट लेते थे। कई बार ये लोग टप्पेबाजी के जरिए लोगों को बातचीत में उलझाकर मोबाइल गायब कर देते थे।

रात के समय सुनसान सड़कों पर अकेले जा रहे राहगीरों को निशाना बनाना भी इनके अपराध करने के तरीकों में शामिल था। आरोपी तेज रफ्तार स्कूटी से आते और कुछ ही सेकंड में मोबाइल छीनकर फरार हो जाते थे।

पुलिस के मुताबिक आरोपी इतने शातिर थे कि वारदात के तुरंत बाद मोबाइल फोन बंद कर देते थे, ताकि लोकेशन ट्रेस न हो सके। इसके बाद चोरी किए गए मोबाइलों को बेहद कम कीमत में बेच दिया जाता था।


कम कीमत में बेचते थे चोरी के मोबाइल

पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी चोरी किए गए मोबाइल फोन राह चलते लोगों को अपनी मजबूरी बताकर सस्ते दामों में बेच देते थे। कई बार वे खुद को आर्थिक तंगी से परेशान बताकर लोगों को भरोसे में लेते थे और कम कीमत में महंगे स्मार्टफोन बेच देते थे।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह का मुख्य मकसद जल्दी पैसा कमाना था। आरोपी बेरोजगारी और आर्थिक संकट का बहाना बनाकर अपराध की दुनिया में उतर गए थे। हालांकि पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इनके पीछे कोई बड़ा रिसीविंग नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।

“कमिश्नरेट पुलिस अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और लोकल इंटेलिजेंस की मदद से इस गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और इनके अन्य साथियों व नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। आमजन की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।”

—एडीसीपी सेंट्रल नोएडा


गिरफ्तार आरोपियों की पृष्ठभूमि भी चौंकाने वाली

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों की पृष्ठभूमि सामान्य परिवारों से जुड़ी हुई है।

रोहित कुमार

रोहित कुमार पुत्र जीत सिंह मूल रूप से गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर क्षेत्र का रहने वाला है। वर्तमान में वह हापुड़ रोड स्थित गिरधारी नगर में रह रहा था। रोहित बीए पास है और प्लम्बर का काम करता था। पुलिस के अनुसार वह गिरोह का सक्रिय सदस्य था और वारदात की योजना बनाने में अहम भूमिका निभाता था।

गौरव कुमार

गौरव कुमार बुलंदशहर जिले के स्याना थाना क्षेत्र के ग्राम महापुर का निवासी है। वर्तमान में वह राजनगर कॉलोनी, लोनी बॉर्डर में रह रहा था। गौरव दसवीं पास है और एक हेलमेट कंपनी में काम करता था। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि वह स्नैचिंग के दौरान वाहन चलाने का काम करता था।

रवेन्द्र

रवेन्द्र बदायूं जिले के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के ग्राम कुरऊ का रहने वाला है। वर्तमान में वह तिलकराम कॉलोनी, लोनी बॉर्डर में रह रहा था। वह पांचवीं पास है और ई-रिक्शा चलाता था। पुलिस के अनुसार वह चोरी किए गए मोबाइलों को बेचने और ठिकाने लगाने में शामिल था।


बरामदगी ने खोले कई राज

पुलिस द्वारा बरामद किए गए 28 मोबाइल फोन अब जांच का बड़ा आधार बन गए हैं। पुलिस इन मोबाइलों के IMEI नंबर के जरिए इनके असली मालिकों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

संभावना जताई जा रही है कि इनमें से कई मोबाइल फोन दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में हुई अलग-अलग वारदातों से जुड़े हो सकते हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मोबाइलों की बरामदगी के बाद कई पुराने मामलों का खुलासा होने की उम्मीद है।


दिल्ली से चोरी की स्कूटी से करते थे वारदात

जांच में सामने आया कि आरोपियों द्वारा इस्तेमाल की जा रही स्कूटी दिल्ली के कोतवाली नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट क्षेत्र से चोरी की गई थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इस संबंध में दिल्ली में पहले से मुकदमा दर्ज है।

चोरी की स्कूटी का इस्तेमाल आरोपी वारदातों के दौरान तेजी से भागने के लिए करते थे। कई बार वे नंबर प्लेट बदलने की भी कोशिश करते थे, ताकि पुलिस की नजर से बच सकें।


अवैध चाकुओं की बरामदगी से बढ़ी गंभीरता

आरोपियों के कब्जे से दो अवैध चाकू बरामद होने के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। पुलिस का मानना है कि आरोपी किसी भी विरोध की स्थिति में हथियारों का इस्तेमाल कर सकते थे।

इसी वजह से इनके खिलाफ आयुध अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने इन हथियारों को कहां से हासिल किया।


आपराधिक इतिहास भी आया सामने

पुलिस जांच में आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। इनके खिलाफ पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं। इनमें चोरी, स्नैचिंग और अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मामले शामिल हैं।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार थाना सेक्टर-63 में इन आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा दिल्ली में चोरी की स्कूटी से संबंधित मामला भी इनके खिलाफ दर्ज पाया गया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गतिविधियों पर पहले से नजर रखी जा रही थी और लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर इनके खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया।


कमिश्नरेट पुलिस की कार्रवाई से लोगों में राहत

सेक्टर-63 थाना पुलिस की इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। पिछले कुछ समय से क्षेत्र में मोबाइल स्नैचिंग और चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही थीं, जिससे लोग परेशान थे।

विशेषकर मेट्रो स्टेशन और बाजारों के आसपास मोबाइल चोरी की घटनाओं ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी थी। पुलिस की इस सफलता को क्षेत्र में कानून व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।


पुलिस की अपील : सतर्क रहें, संदिग्धों की सूचना दें

नोएडा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सार्वजनिक स्थानों पर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहें। भीड़भाड़ वाले इलाकों में अपने सामान का विशेष ध्यान रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कमिश्नरेट पुलिस अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

थाना सेक्टर-63 पुलिस की इस कार्रवाई को कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। मोबाइल स्नैचिंग जैसे अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रखेगी।

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VIKAS TRIPATHI
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