गाजियाबाद: गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के कनमणि गांव में गुरुवार दोपहर एक भीषण आग लगने की घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। करीब 300 झुग्गी-झोपड़ियां देखते ही देखते आग की चपेट में आ गईं, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस हादसे में दो बच्चों के लापता होने की खबर ने चिंता और बढ़ा दी है।
कैसे शुरू हुई आग, मिनटों में बना विकराल रूप
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग दोपहर करीब 12 बजे लगी। शुरुआत में छोटी दिखने वाली यह आग कुछ ही मिनटों में तेजी से फैल गई।
झुग्गी बस्ती होने के कारण:
घर एक-दूसरे के बेहद करीब थे
निर्माण में लकड़ी, प्लास्टिक और टिन का इस्तेमाल हुआ था
कई जगह गैस सिलेंडर भी मौजूद थे
इन सभी कारणों ने आग को और भड़काने का काम किया, जिससे देखते ही देखते सैकड़ों झुग्गियां इसकी चपेट में आ गईं।
2 किलोमीटर दूर तक दिखा धुएं का गुबार
आग इतनी भयानक थी कि उससे उठता काला धुआं करीब 2 किलोमीटर दूर तक देखा गया। आस-पास के इलाकों में भी लोगों में दहशत फैल गई और कई लोगों ने एहतियातन अपने घर खाली कर दिए।
मौके पर मचा हड़कंप, जान बचाकर भागे लोग
घटना के बाद बस्ती में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। लोग:
अपने बच्चों को गोद में उठाकर भागते दिखे
जरूरी सामान और दस्तावेज समेटने की कोशिश करते रहे
कई लोग गैस सिलेंडर लेकर खुले मैदानों की ओर भागे
कई परिवारों ने किसी तरह अपनी जान बचाई, लेकिन उनका पूरा घर जलकर खाक हो गया।
दमकल विभाग की कार्रवाई
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया।
दमकल की टीमें लगातार आग पर काबू पाने में जुटी रहीं
मौके पर कई एंबुलेंस भी तैनात की गईं
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे
काफी मशक्कत के बाद आग पर धीरे-धीरे नियंत्रण पाया जा रहा है।
2 बच्चे लापता, बढ़ी चिंता
इस हादसे में दो बच्चों के लापता होने की सूचना है। राहत और बचाव टीमें उनकी तलाश में जुटी हुई हैं। प्रशासन ने आसपास के इलाकों में भी खोज अभियान शुरू किया है।
आग लगने की वजह अब तक साफ नहीं
फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। हालांकि प्रारंभिक आशंका जताई जा रही है कि:
शॉर्ट सर्किट
या किसी ज्वलनशील सामग्री में चिंगारी
इस हादसे की वजह हो सकती है।
जांच के बाद ही वास्तविक कारण सामने आएगा।
भारी नुकसान, आंकलन जारी
सैकड़ों झुग्गियां पूरी तरह जलकर खाक
हजारों लोग बेघर होने की कगार पर
सामान, कपड़े, जरूरी दस्तावेज सब राख
प्रशासन द्वारा नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।
निष्कर्ष
इंदिरापुरम का यह अग्निकांड एक बड़ी त्रासदी के रूप में सामने आया है, जिसने सैकड़ों परिवारों को एक झटके में बेघर कर दिया। राहत की बात यह है कि अभी तक किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन दो बच्चों के लापता होने से स्थिति गंभीर बनी हुई है।
यह घटना एक बार फिर शहरी झुग्गी बस्तियों में सुरक्षा व्यवस्था और अग्नि-नियंत्रण उपायों की कमी को उजागर करती है।














