नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को घोषणा की कि कॉलोनियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी गई है। इस पहल के तहत अब तक लगभग 40 हजार ऑथराइजेशन लेटर जारी किए जा चुके हैं।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि “डबल इंजन सरकार” का लाभ अब दिल्ली के लोगों को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि 2019 में लाई गई पीएम उदय योजना के तहत लंबे समय से अधिकारों से वंचित लोगों को मालिकाना हक देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू भी मौजूद रहे।
24 अप्रैल से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस योजना के तहत 24 अप्रैल से आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी। पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध बनाया गया है—7 दिनों में GIS सर्वे, 15 दिनों में आवेदन की कमियों को दूर करना और 45 दिनों के भीतर conveyance deed जारी करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि लोगों को बिना देरी उनका हक मिल सके।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी और माननीय केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर जी का दिल्ली की जनता की ओर से आभार।
आज का दिन दिल्ली के 45 लाख लोगों के जीवन में राहत, सम्मान और अधिकार का नया अध्याय लेकर आया है। आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने वर्षों से अनदेखी इस पीड़ा को… pic.twitter.com/ndVFcngc2S
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) April 7, 2026
1511 कॉलोनियों का रास्ता साफ
सीएम ने बताया कि कुल 1731 अनधिकृत कॉलोनियों में से 1511 के नियमितीकरण का रास्ता साफ हो चुका है। उन्होंने कहा कि यह कदम करीब 45 लाख लोगों के जीवन में “राहत, सम्मान और अधिकार” का नया अध्याय लेकर आएगा।
छोटे व्यापारियों को भी राहत
सरकार ने छोटे व्यापारियों को भी राहत देते हुए 20 वर्ग मीटर तक की दुकानों को कुछ शर्तों के साथ नियमित करने का फैसला लिया है। इससे हजारों छोटे दुकानदारों को कानूनी सुरक्षा और स्थायित्व मिलेगा।
TOD नीति से बदलेगा दिल्ली का ढांचा
सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि शहर के विकास को ध्यान में रखते हुए Transit Oriented Development (TOD) नीति को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके तहत मेट्रो और RRTS कॉरिडोर के आसपास 500 मीटर के दायरे में करीब 207 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में हाई-डेंसिटी और मिक्स्ड यूज डेवलपमेंट को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे सस्ती आवास व्यवस्था, बेहतर कनेक्टिविटी और आम लोगों के लिए आसान जीवन सुनिश्चित होगा।
सर्किल रेट होगा एक समान
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने घोषणा की कि अब दिल्ली में सर्किल रेट एक ही रहेगा। पहले DDA, दिल्ली सरकार और L&DO के अलग-अलग रेट होते थे, लेकिन अब इसे एकीकृत कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इससे प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में पारदर्शिता आएगी।
आदरणीय प्रधानमंत्री @narendramodi जी के मार्गदर्शन में दिल्ली के अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों के लिए आज सम्मान और अधिकार का एक नया अध्याय शुरू हुआ है.. pic.twitter.com/9sKkR4BBDX
— Manohar Lal (@mlkhattar) April 7, 2026
MCD नियमों के तहत होगा नया निर्माण
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब तक बनी कॉलोनियों को नियमित किया जा रहा है, लेकिन भविष्य में कोई भी नया निर्माण MCD के नियमों के अनुसार ही होगा।
सरकार का दावा है कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से 22 बड़ी बाधाओं को दूर किया गया है, जिससे लाखों परिवारों को उनका हक आसानी से मिल सकेगा। यह योजना दिल्ली के शहरी विकास और आवास व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव लाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।














