गाजीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में बुधवार देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में धान खरीद को लेकर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें सभी क्रय संस्था प्रभारियों और केंद्र प्रभारियों को एक नवंबर 2026 से शुरू होने वाली धान खरीद के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी क्रय केंद्रों पर उपकरण, कांटे, आवश्यक अभिलेख और बोरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। बाट-माप विभाग सभी केंद्रों के कांटों का सत्यापन करेगा। केंद्र प्रभारी सुबह नौ से दस बजे के बीच ई-पॉप मशीन से अपनी उपस्थिति दर्ज करेंगे। किसानों की बायोमेट्रिक पुष्टि के बाद ही धान खरीद की जाएगी। बोरे के अभाव में खरीद बाधित होने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी।
धान की उतराई और सफाई के लिए किसानों को श्रमिकों को अधिकतम 20 रुपये देने होंगे। गीला या गंदा धान आने पर किसान को केंद्र पर सुखाने और साफ करने का अवसर दिया जाएगा। मानक पूरा नहीं होने पर ही अस्वीकृति दर्ज होगी। रिजेक्शन रजिस्टर में किसान का नाम, पता, पंजीकरण संख्या, मोबाइल नंबर, मात्रा और अस्वीकृति का कारण दर्ज करना होगा। किसानों को अपीलीय अधिकारी का नाम और मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराया जाएगा।
जिलाधिकारी ने केंद्र प्रभारियों को किसानों से शिष्टाचारपूर्वक व्यवहार करने और किसी को अनावश्यक वापस नहीं करने के निर्देश दिए। केंद्रों पर प्रदर्शित मोबाइल नंबर खरीद अवधि में चालू रखने होंगे। सहकारिता विभाग के केंद्रों के लिए संबंधित तहसील के अपर जिला सहकारी अधिकारी नोडल अधिकारी होंगे। किसानों को भुगतान यथासंभव 48 घंटे में आधार से लिंक बैंक खाते में कराने के निर्देश दिए गए।
किसानों से धान बेचने से पहले किसान पहचान पत्र या फार्मर आईडी उपलब्ध कराने की अपील की गई। खाद्य विभाग के ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीकरण शुरू हो चुका है। फार्मर आईडी नहीं होने पर किसान एग्रीस्टैक पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं। धान, बाजरा, मक्का और ज्वार के लिए एक ही पंजीकरण होगा।
कार्यशाला में जंगीपुर मंडी समिति के सचिव द्वारा धान खरीद के लिए कांटों की उपलब्धता और आवश्यकता के संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं देने पर स्पष्टीकरण जारी किया गया। सभी क्रय एजेंसियों को तैयारियां पूरी कर जिला खाद्य विपणन अधिकारी को रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया।















