गाजीपुर। महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को जनपद न्यायालय, गाजीपुर के दसकक्षीय सभागार में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः आठ बजे जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष जय प्रकाश यादव ने दोनों महापुरुषों की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर पॉक्सो अधिनियम-2012 के प्रावधानों एवं कानूनी परिणामों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रभात फेरी निकाली गई। जनपद न्यायाधीश ने न्यायालय के मुख्य द्वार संख्या-1 से हरी झंडी दिखाकर प्रभात फेरी को रवाना किया। इसमें आदर्श इंटर कॉलेज महुआबाग के छात्र-छात्राओं, अधिवक्ताओं एवं पराविधिक स्वयंसेवकों ने सहभागिता की।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए जनपद न्यायाधीश जय प्रकाश यादव ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी। उन्होंने विभिन्न आंदोलनों को एकजुट कर आजादी की लड़ाई को व्यापक स्वरूप प्रदान किया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शक्ति सिंह ने कहा कि गांधी जी ने देश को सत्य, अहिंसा और स्वच्छता का संदेश दिया, जो समाज और राष्ट्र की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव नीरज गोंड ने गांधी एवं शास्त्री के विचारों और शिक्षाओं को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया। सिविल बार एसोसिएशन के पदाधिकारी राजेंद्र विक्रम सिंह, अंजनी कुमार ठाकुर, वरिष्ठ अधिवक्ताओं एवं शासकीय अधिवक्ता कृपाशंकर राय ने भी विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी संजय हरी शुक्ला, प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय शैलोज चंद्र, विशेष न्यायाधीश अभिमन्यु सिंह, श्वेता वर्मा, संजय के लाल, विजय कुमार चतुर्थ, अमित कुमार द्वितीय सहित अन्य न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, कर्मचारी एवं सुरक्षाकर्मी उपस्थित रहे। अंत में सचिव नीरज गोंड ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।















