मध्य प्रदेश के खंडवा और बुरहानपुर से लाए गए थे हथियार, 38 पिस्टल और तमंचे बरामद
गाजीपुर। अवैध शस्त्रों की तस्करी के खिलाफ गाजीपुर पुलिस की स्वाट टीम और कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अंतर्राज्यीय शस्त्र तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 18 पिस्टल .32 बोर, एक पिस्टल .9 एमएम, 19 देशी तमंचे .315 बोर समेत 38 अवैध आग्नेयास्त्र और 18 कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा तीन मोबाइल फोन, 900 रुपये नकद और एक बाइक भी जब्त की गई है। पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा के निर्देशन में यह कार्रवाई गुरुवार की रात करीब 1:45 बजे कोतवाली क्षेत्र के कैथवलिया पुलिया के पास की गई।
घेराबंदी कर तीनों को दबोचा
पुलिस के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली थी कि कैथवलिया पुलिया के पास कुछ तस्कर भारी मात्रा में अवैध असलहे लेकर डिलीवरी की तैयारी में हैं। सूचना पर स्वाट टीम प्रभारी उपनिरीक्षक शैलेन्द्र प्रताप सिंह और अपराध निरीक्षक देवेंद्र कुमार मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घेराबंदी की। इस दौरान बाइक के पास खड़े तीन संदिग्ध पुलिस को देखकर भागने लगे, जिन्हें टीम ने पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रतन विश्वकर्मा (19) और रवि कुमार (19), निवासी भदौरा, थाना गहमर तथा अभिषेक कुमार (20), निवासी फुल्ली, थाना दिलदारनगर के रूप में हुई।
बैगों में छिपाकर रखे थे हथियार
तलाशी के दौरान रतन के पास से सात पिस्टल, सात तमंचे और आठ कारतूस, रवि के पास से छह पिस्टल, छह तमंचे और सात कारतूस तथा अभिषेक के पास से छह पिस्टल, छह तमंचे और तीन कारतूस बरामद हुए। इनके पास से तीन मोबाइल फोन और कुल 900 रुपये भी मिले। पुलिस ने TVS अपाचे बाइक भी कब्जे में ले ली।
मध्य प्रदेश से लाते थे असलहे
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे मध्य प्रदेश के खंडवा और बुरहानपुर क्षेत्र से अवैध असलहे लाकर गाजीपुर में उनकी डिलीवरी करते थे। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने दो अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी दी है, जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। हथियारों के स्रोत और तस्करी नेटवर्क की जांच की जा रही है।
पुलिस टीम को मिली सफलता
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आयुध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। कार्रवाई में सर्विलांस प्रभारी सुमित बालियान, उपनिरीक्षक शिवाकांत मिश्रा, विवेक कुमार पाठक, अभिनव कुमार गुप्ता, देवेंद्र कुमार साहू समेत स्वाट, सर्विलांस और कोतवाली पुलिस के जवान शामिल रहे। बरामदगी और गिरफ्तारी की प्रक्रिया की ई-साक्ष्य के माध्यम से वीडियोग्राफी भी कराई गई।















