गाजीपुर। जिला जेल में बंद 60 वर्षीय रामचंद्रिका यादव की मंगलवार देर रात अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। सीने में तेज दर्द होने के बाद वह बेहोश हो गए थे। जेलकर्मी उन्हें तत्काल महार्षि विश्वामित्र मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जांच में हार्ट अटैक की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
जेल प्रशासन के मुताबिक, रामचंद्रिका यादव गहमर थाना क्षेत्र के भीखमराय पट्टी गांव के निवासी थे। वह शुगर की बीमारी से पीड़ित थे और जिला जेल में उनका नियमित उपचार कराया जा रहा था। मंगलवार देर रात अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा। इसके बाद वह बेहोश हो गए। जेल प्रशासन ने तत्काल उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बहू की मौत के मामले में थे जेल में बंद
रामचंद्रिका यादव 31 मार्च 2026 से जिला जेल में बंद थे। उनकी बहू निशा यादव की 30 मार्च 2026 को मौत हो गई थी। इस मामले में निशा के चाचा ने उसके पति लक्ष्मण, सास राधिका और ससुर रामचंद्रिका यादव के खिलाफ हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वर्तमान में लक्ष्मण और राधिका भी जिला जेल में बंद हैं।
जेल प्रशासन के अनुसार, बंदी की तबीयत बिगड़ने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही उनकी मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा।















