बागलुंग में भूस्खलन से 10 लोगों की मौत, हिमलुंग हिमाल पर एवलांच ने ली 4 जानें; कई घर और सड़कें मलबे में दबीं, राहत-बचाव अभियान जारी
काठमांडू। नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश ने कई इलाकों में तबाही मचा दी है। बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं के बीच कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई है, जबकि हिमलुंग हिमाल पर हुए हिमस्खलन के बाद 12 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। कई इलाकों में सड़क संपर्क टूट गया है और घरों व अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।
प्रशासन, पुलिस और स्थानीय बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं। खराब मौसम और लगातार हो रही बारिश के कारण राहत कार्यों में भी मुश्किलें आ रही हैं।
बागलुंग में भूस्खलन से 10 लोगों की मौत
भूस्खलन की सबसे गंभीर घटनाएं बागलुंग जिले के तमानखोला, निसीखोला और ताराखोला ग्रामीण नगरपालिकाओं में सामने आई हैं। यहां कई मकान मलबे में दब गए।
तमानखोला ग्रामीण नगरपालिका-4 के संतर में भूस्खलन के कारण 65 वर्षीय उदिसारा बीके और 50 वर्षीय हस्तवीर बीके की मौत हुई, जबकि 52 वर्षीय पुनासारा बीके के लापता होने की जानकारी है।
तमानखोला-3 के धनारकुक में 80 वर्षीय बुद्धिराज घरती और 66 वर्षीय भीमदेवी घरती की जान चली गई। वहीं निसीखोला-6 के सेलवांग में 50 वर्षीय सूर्य बहादुर घरती की मौत हुई।
एक ही परिवार के चार लोगों की मौत
निसीखोला ग्रामीण नगरपालिका-3 के कांकेखरिया में भूस्खलन ने एक परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया। घर मलबे में दबने से एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई।
मृतकों में 36 वर्षीय श्यामकुमारी बीके, 13 वर्षीय मनोज बीके, 8 वर्षीय मुकेश बीके और 3 वर्षीय निशान बीके शामिल हैं।
ताराखोला ग्रामीण नगरपालिका-5 के धरमार में 59 वर्षीय मान बहादुर रोक्का की भी भूस्खलन में मौत हुई।
हिमलुंग हिमाल पर एवलांच ने मचाई तबाही
दूसरी बड़ी त्रासदी नेपाल के मनांग जिले के नार फू क्षेत्र में स्थित 7,126 मीटर ऊंची हिमलुंग हिमाल चोटी पर हुई। रविवार को बेस कैंप के पास हिमस्खलन आया, जिसकी चपेट में एक टेंट आ गया। इसमें पर्वतारोही, गाइड और सपोर्ट स्टाफ मौजूद थे।
हिमस्खलन के बाद कई लोग लापता हो गए। राहत और खोज अभियान के दौरान अब तक चार शव बरामद किए जा चुके हैं।
रेस्क्यू टीम ने बीरेंद्र गुरुंग और घनश्याम राय के शव बरामद किए। इससे पहले क्लाइंबिंग गाइड छेबी भोटे और पासंग भोटे के शव मिले थे।
अधिकारियों के मुताबिक, 12 लोग अभी भी लापता हैं और उनकी तलाश जारी है।
लगातार बारिश से बिगड़े हालात
नेपाल के कई हिस्सों में लगातार बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन के कारण कई सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे प्रभावित इलाकों तक राहत सामग्री और बचाव दल पहुंचाने में परेशानी हो रही है।
कई स्थानों पर पहाड़ों का मलबा सड़कों और नदियों तक पहुंच गया है। सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो में पहाड़ों के बड़े हिस्से को टूटकर नीचे गिरते हुए देखा गया है।
नारायणी नदी का जलस्तर भी बढ़ा
केंद्रीय नेपाल में नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए चेतावनी जारी की गई। नदी का जलस्तर चेतावनी सीमा से ऊपर पहुंचने के बाद निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया।
चितवन की ओर जाने वाले कुछ प्रमुख मार्ग भी भूस्खलन के कारण प्रभावित हुए हैं। कई स्थानों पर सड़क संपर्क बाधित होने की खबर है।
राहत और बचाव अभियान जारी
प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य कर रही हैं। भूस्खलन वाले इलाकों में मलबा हटाकर लोगों की तलाश की जा रही है, जबकि हिमलुंग हिमाल पर विशेष रेस्क्यू टीमें लापता पर्वतारोहियों और स्टाफ की तलाश में जुटी हैं।
हालांकि, लगातार बारिश, खराब मौसम और पहाड़ी इलाकों में मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों के कारण बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
नेपाल में बारिश से पैदा हुए हालात ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाओं के खतरे को सामने ला दिया है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और सड़क संपर्क बहाल करना है।















