अमेरिकी सैन्य अभियानों में इस्तेमाल हुए एयरबेस के पास संदिग्ध गतिविधि; आतंकवाद और विस्फोटक कानून के तहत जांच, ईरान लिंक अभी पुष्ट नहीं
लंदन। ब्रिटेन में एक अमेरिकी सैन्य एयरबेस के पास पांच लोगों की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों की जांच तेज हो गई है। ब्रिटिश पुलिस ने इन लोगों को आतंकवादी गतिविधि की तैयारी और विस्फोटक कानून से जुड़े संदेह में हिरासत में लिया है। मामला RAF Fairford से जुड़ा है, जिसका इस्तेमाल अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों के दौरान किया है।
तीन संदिग्ध वैन के बाद शुरू हुआ ऑपरेशन
रॉयटर्स के मुताबिक, रविवार तड़के पुलिस को सूचना मिली कि तीन बड़ी सफेद वैन सैन्य एयरबेस की ओर बढ़ रही हैं। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने कार्रवाई की और पांच लोगों को हिरासत में लिया।
जांच के दौरान तीन वाहनों की तलाशी ली गई और बम निरोधक विशेषज्ञों को भी मौके पर बुलाया गया। एयरबेस के आसपास करीब 400 मीटर का सुरक्षा घेरा बनाया गया और लगभग 85 घरों के लोगों को एहतियातन बाहर निकाला गया।
क्या ईरान से जुड़ा है मामला?
यही इस पूरे मामले का सबसे बड़ा सवाल है।
RAF Fairford का इस्तेमाल अमेरिका ने ईरान से जुड़े सैन्य अभियानों के दौरान किया है। इसी वजह से गिरफ्तारियों के बाद संभावित ईरान कनेक्शन की जांच की जा रही है।
Reuters ने जांच से जुड़े एक सूत्र के हवाले से बताया कि ईरान से जुड़ा मकसद संभावित कोणों में प्रमुख माना जा रहा है, लेकिन रूसी तोड़फोड़ अभियान और अन्य संभावनाओं की भी जांच की जा रही है।
हालांकि, ब्रिटिश अधिकारियों ने अभी तक गिरफ्तार लोगों और ईरान के बीच किसी संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ब्रिटेन के रक्षा मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने भी मामले की जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है।
ट्रंप के बयान से क्यों बढ़ी चर्चा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गिरफ्तारियों को ब्रिटेन और अमेरिका के बीच सुरक्षा सहयोग की सफलता बताया। उन्होंने कहा कि संदिग्ध लोग बड़ा नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे और वे पहले से निगरानी में थे।
लेकिन ब्रिटिश अधिकारियों ने इस मामले की खुफिया जानकारी और निगरानी से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। रक्षा मंत्री स्ट्रीटिंग ने कहा कि जांच अभी जारी है और ऑपरेशनल सुरक्षा कारणों से वह ज्यादा जानकारी साझा नहीं कर सकते।
RAF Fairford इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
RAF Fairford ब्रिटेन में अमेरिकी वायुसेना के लिए एक महत्वपूर्ण बेस है। इसकी लंबी रनवे के कारण यहां भारी बमवर्षक विमान संचालित किए जा सकते हैं।
AP के अनुसार, इस एयरबेस का इस्तेमाल पहले खाड़ी युद्ध और 2003 के इराक युद्ध सहित कई सैन्य अभियानों में किया जा चुका है। हालिया ईरान संघर्ष के दौरान भी अमेरिकी B-1 और B-52 बमवर्षक यहां से संचालित हुए।
इसी वजह से एयरबेस के आसपास हुई संदिग्ध गतिविधि को ब्रिटेन और अमेरिका दोनों के सुरक्षा अधिकारियों ने गंभीरता से लिया है।
5 संदिग्धों की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए पांचों लोगों की पहचान, राष्ट्रीयता या उम्र सार्वजनिक नहीं की है। उनके खिलाफ अभी जांच चल रही है और मामले में किसी संभावित साजिश या मकसद को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
स्थानीय स्तर पर एक किसान द्वारा पुलिस को दी गई सूचना के बाद सुरक्षा कार्रवाई शुरू होने की बात भी सामने आई है। हालांकि ब्रिटिश रक्षा मंत्री ने कहा कि सूचना देने वाले व्यक्ति के पास घटना की केवल आंशिक जानकारी थी।
ब्रिटेन में बढ़ी सुरक्षा चिंता
इस घटना के बाद ब्रिटेन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों के आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई है। अमेरिकी दूतावास ने ब्रिटेन में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को सतर्क रहने और अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा पर ध्यान देने की सलाह दी है।
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पांच लोगों की गिरफ्तारी और संदिग्ध वाहनों की जांच की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन उनके मकसद और किसी विदेशी देश से संभावित संबंध की जांच अभी जारी है।
इसलिए RAF Fairford घटना को ईरान से जोड़कर अंतिम निष्कर्ष निकालना अभी जल्दबाजी होगी। जांच आगे बढ़ने के साथ ही यह स्पष्ट होगा कि गिरफ्तारियों के पीछे वास्तविक साजिश क्या थी और क्या इसका ईरान से कोई संबंध था।















