गाजीपुर – सोमवार को अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के बैनर तले हजारों शिक्षकों ने टेट (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने महुआबाग स्थित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से मशाल जुलूस निकालते हुए सरजू पांडेय पार्क कचहरी तक पैदल मार्च किया। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया।
प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टेट अनिवार्यता से छूट दिलाना रहा। शिक्षकों का कहना है कि यह नियम नई भर्ती के लिए तो उचित है, लेकिन पहले से कार्यरत शिक्षकों पर इसे लागू करना पूरी तरह अन्यायपूर्ण और अव्यावहारिक है। उनका तर्क है कि जब उनकी नियुक्ति हुई थी, तब टेट जैसी कोई अनिवार्यता नहीं थी, ऐसे में सेवा के अंतिम चरण में इस शर्त को लागू करना गलत है।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने सरकार से मांग की कि वह अध्यादेश लाकर इस नियम में संशोधन करे और पुराने शिक्षकों को राहत दे। इस आंदोलन में प्राथमिक शिक्षक संघ, विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन, अटेवा, टीएससीटी, बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन और शिक्षा मित्र संघ सहित कई संगठनों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में जयप्रकाश पांडेय, अनिल पांडेय, सरफराज खान समेत कई शिक्षक नेता मौजूद रहे। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर निष्पक्ष निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।














