नोएडा: तेजी से बढ़ते शहरीकरण और घटते प्राकृतिक आवास के बीच गौरैया जैसे छोटे पक्षियों के संरक्षण के लिए एक सराहनीय पहल की शुरुआत की गई है। “सुरक्षित बसेरा: गौरैया वापसी अभियान” के तहत एथोमार्ट चैरिटेबल ट्रस्ट (EMCT) द्वारा टेक्ज़ोन-4 स्थित ग्रीनार्च सोसाइटी के ग्रीनबेल्ट में पक्षियों के लिए घोंसले बनाने और लगाने का अभियान शुरू किया गया।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम कदम
संस्था की संस्थापक एवं अध्यक्ष रश्मि पांडेय ने बताया कि यह पहल केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पेड़ों की कटाई और शहरी विस्तार के कारण गौरैया की संख्या में भारी गिरावट आई है, ऐसे में यह अभियान उन्हें सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
समाज की सक्रिय भागीदारी
इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। विशेष रूप से बच्चों की भागीदारी इस अभियान का मुख्य आकर्षण रही। बच्चों ने न केवल घोंसले बनाने और लगाने में योगदान दिया, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
‘प्रकृति के प्रति कृतज्ञता’ का संदेश
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि पेड़ों पर घोंसले लगाना केवल एक गतिविधि नहीं, बल्कि यह प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और उन बेजुबान पक्षियों के प्रति एक मौन क्षमा याचना है, जिनके घर मानव गतिविधियों के कारण नष्ट हो गए।

जैव विविधता को बढ़ावा देने का उद्देश्य
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में पक्षियों को सुरक्षित आश्रय देना, जैव विविधता को संरक्षित करना और लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में इस पहल को और बड़े स्तर पर चलाया जाएगा ताकि इसे जन-आंदोलन का रूप दिया जा सके।
बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में रश्मि पांडेय, सरिता सिंह, रुचि जैन, प्रतिभा, अनिल मौर्य, नमित रंजन, सत्यम चौधरी, मीनाक्षी, चित्रित जैन, अरुण चौधरी, प्रदीप बंसल, अशोक सैनी और प्रतीक साध सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने इस अभियान को और प्रेरणादायक बना दिया।
“घोंसला उनका अधिकार है, संरक्षण हमारा कर्तव्य”—इस संदेश के साथ शुरू हुआ यह अभियान न केवल गौरैया संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि समाज को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने का एक सशक्त माध्यम भी है।














