महाराष्ट्र में नगर निगम चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। सभी राजनीतिक दल मतदाताओं को साधने के लिए आक्रामक प्रचार और लोक-लुभावन वादों में जुटे हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को सोलापुर में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बड़ा और भावनात्मक बयान दिया।
ओवैसी ने कहा कि एक दिन ऐसा जरूर आएगा जब हिजाब पहनने वाली हमारी बेटी इस देश की प्रधानमंत्री बनेगी। उन्होंने भारत और पाकिस्तान के संविधान की तुलना करते हुए कहा कि पाकिस्तान के संविधान में केवल एक ही समुदाय के व्यक्ति के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री बनने की बात कही गई है, जबकि भारत का संविधान सभी समाजों को समान अधिकार देता है।
‘हम भले न रहें, लेकिन वो दिन जरूर आएगा’
ओवैसी ने कहा,
“हम भले न रहें, लेकिन वह दिन जरूर आएगा जब हिजाब पहनने वाली बेटी भारत की प्रधानमंत्री बनेगी। यही भारत के संविधान की खूबसूरती है, जो हर नागरिक को बराबरी का हक देता है।”
‘नफरत फैलाने वाले ज्यादा दिन नहीं टिकेंगे’
विरोधियों पर तीखा हमला बोलते हुए ओवैसी ने कहा कि मुसलमानों के खिलाफ फैलाई जा रही नफरत ज्यादा दिन नहीं चलेगी।
“याद रखना, जो नफरत तुम मुसलमानों के खिलाफ फैला रहे हो, वह तुम्हें ही खत्म कर देगी। नफरत फैलाने वाले खुद मिट जाएंगे। जब सच्चाई सामने आएगी, तो लोगों को समझ आएगा कि किस तरह दिलों और दिमागों में जहर भरा गया।”
महंगाई और पेट्रोल के दामों पर सवाल
ओवैसी ने महंगाई को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा,
“आज सोलापुर में पेट्रोल 104 रुपये लीटर है। अगर कोई पेट्रोल के दाम पूछता है, तो उसे बांग्लादेशी कह दिया जाता है। यह सवालों से ध्यान भटकाने की राजनीति है।”
‘सोलापुर की समस्याओं से सत्ता को कोई सरोकार नहीं’
AIMIM प्रमुख ने कहा कि सोलापुर में कई गंभीर समस्याएं हैं, लेकिन सत्ताधारी दलों को जनता की परेशानियों से कोई लेना-देना नहीं है।
“बीजेपी, शिंदे और अजित पवार—तीनों की कोशिश है कि महाराष्ट्र की जनता को गुमराह किया जाए। मैं आपसे अपील करता हूं कि 15 तारीख को इन्हें साफ संदेश दें कि आप उनकी साजिश का शिकार नहीं बनेंगे।”
दलितों और किसानों को लेकर भी साधा निशाना
ओवैसी ने आरोप लगाया कि फडणवीस, शिंदे और पवार संविधान के अनुसार नहीं, बल्कि नफरत की राजनीति के आधार पर शासन कर रहे हैं।
“ये लोग अल्पसंख्यकों को कमजोर करना चाहते हैं। दलितों को उनका हक नहीं देना चाहते और किसानों के लिए कुछ नहीं कर रहे। किसान आत्महत्या कर रहे हैं, लेकिन सरकार खामोश है।”
नगर निगम चुनाव के मद्देनजर ओवैसी का यह बयान महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस छेड़ सकता है और आने वाले दिनों में सियासी तापमान और बढ़ने के आसार हैं।














