Friday, March 6, 2026
Your Dream Technologies
HomeBiharबिहार की राजनीति में बड़ी हलचल: नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के...

बिहार की राजनीति में बड़ी हलचल: नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद जेडीयू की अहम बैठक

बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद राज्य में सियासी हलचल तेज हो गई है। इस फैसले के बाद जहां एक तरफ मुख्यमंत्री पद खाली होने की संभावना बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर नई सरकार के गठन और सत्ता के समीकरण को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इसी बीच जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और विधायकों की एक अहम बैठक पटना में बुलाई है।

जेडीयू की बैठक में होगा फैसले पर मंथन

सूत्रों के अनुसार इस बैठक में पार्टी नेताओं को विस्तार से बताया जाएगा कि नीतीश कुमार ने किन परिस्थितियों और कारणों से राज्यसभा जाने का निर्णय लिया। माना जा रहा है कि बैठक में पार्टी के नेताओं को यह स्पष्ट किया जाएगा कि यह फैसला मुख्य रूप से स्वास्थ्य संबंधी कारणों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

साथ ही जेडीयू नेतृत्व यह संदेश देने की कोशिश करेगा कि भले ही नीतीश कुमार सक्रिय रूप से राज्यसभा की राजनीति में जाएं, लेकिन बिहार सरकार का संचालन उनके मार्गदर्शन और सलाह के आधार पर ही होता रहेगा। पार्टी यह भी बताना चाहती है कि नीतीश कुमार का राजनीतिक अनुभव और प्रशासनिक समझ आने वाले समय में भी बिहार के विकास की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।

नए मुख्यमंत्री को लेकर बढ़ी अटकलें

नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद छोड़ने की संभावना के बीच राज्य में नए मुख्यमंत्री को लेकर अटकलों का दौर तेज हो गया है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी चल रही है कि सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर सत्ता का नया संतुलन किस तरह से तय होगा।

सूत्रों के अनुसार अगर भारतीय जनता पार्टी (BJP) मुख्यमंत्री पद अपने पास रखती है तो नई सरकार में मुख्यमंत्री के अलावा करीब 15 मंत्री बीजेपी कोटे से शामिल किए जा सकते हैं।

वहीं जनता दल यूनाइटेड (JDU) को सरकार में उपमुख्यमंत्री पद के साथ लगभग 15 मंत्री पद मिलने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा गठबंधन के अन्य सहयोगी दलों को भी सरकार में प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है।

सहयोगी दलों को भी मिल सकता है प्रतिनिधित्व

बताया जा रहा है कि चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) कोटे से सरकार में दो मंत्री बनाए जा सकते हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के कोटे से भी एक-एक मंत्री शामिल किए जाने की संभावना है। इस तरह नई सरकार में गठबंधन के सभी प्रमुख दलों को संतुलित प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की जा सकती है।

निशांत कुमार को लेकर भी चर्चा तेज

राजनीतिक सूत्रों का यह भी कहना है कि अगर नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को राजनीति में सक्रिय भूमिका दी जाती है और उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया जाता है, तो जेडीयू सरकार में केवल एक ही डिप्टी सीएम चाह सकती है। पार्टी नहीं चाहती कि सरकार के भीतर जेडीयू की ओर से किसी प्रकार का दूसरा शक्ति केंद्र तैयार हो।

हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसे बिहार की राजनीति में संभावित पीढ़ीगत बदलाव के रूप में भी देख रहे हैं।

मंत्रियों की प्रतिक्रिया

बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नीतीश कुमार राज्य के बेहद लोकप्रिय नेता हैं और उनका जो भी राजनीतिक फैसला है, पार्टी के सभी नेता और कार्यकर्ता उसके साथ खड़े हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उनके समर्थक इस फैसले से भावनात्मक रूप से दुखी जरूर हैं।

वहीं मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया है और यह उनका व्यक्तिगत राजनीतिक फैसला है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार को विकसित बनाने का जो सपना देखा है, उस दिशा में उन्होंने लगातार काम किया है और आगे भी अभिभावक के रूप में उनका मार्गदर्शन बिहार को मिलता रहेगा

बिहार की राजनीति में नए दौर की शुरुआत?

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर नीतीश कुमार सक्रिय राज्य राजनीति से दूरी बनाते हैं तो यह बिहार की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत हो सकती है। पिछले दो दशकों से अधिक समय तक राज्य की राजनीति में केंद्रीय भूमिका निभाने वाले नीतीश कुमार का प्रभाव अभी भी काफी मजबूत है, इसलिए आने वाले समय में उनके मार्गदर्शन में गठबंधन की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है, इस पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी |

- Advertisement -
Your Dream Technologies
VIKAS TRIPATHI
VIKAS TRIPATHIhttp://www.pardaphaas.com
VIKAS TRIPATHI भारत देश की सभी छोटी और बड़ी खबरों को सामने दिखाने के लिए "पर्दाफास न्यूज" चैनल को लेके आए हैं। जिसके लोगो के बीच में करप्शन को कम कर सके। हम देश में समान व्यवहार के साथ काम करेंगे। देश की प्रगति को बढ़ाएंगे।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments

Call Now Button