गंगा में सूटकेस में मिले युवती के शव की हुई पहचान, प्रेम प्रसंग का मामला आया सामने
मोहम्मदाबाद। क्षेत्र के हरिबल्लमपुर गांव के पास गंगा में सूटकेस में बंद मिले युवती के शव की पहचान हो गई है। मृतका बलिया जिले के पकड़ी थाना क्षेत्र के मुजही गांव निवासी 19 वर्षीय कोमल गोंड उर्फ काजल पुत्री दिलीप प्रसाद गोंड थी। पहचान होने के बाद मामले में नया मोड़ आ गया है। परिजनों ने गांव के ही भानु तिवारी पर युवती को गायब करने और हत्या कर शव गंगा में फेंकने का आरोप लगाया है।
परिजनों के अनुसार, कोमल 20 अक्टूबर की रात करीब नौ बजे पड़ोसी भानु तिवारी के घर लैपटॉप देने की बात कहकर निकली थी। इसके बाद वह लापता हो गई। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चला तो 26 अक्टूबर को पकड़ी थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। तहरीर में भानु तिवारी पुत्र सुरेश तिवारी पर संदेह जताया गया था।
इधर, 25 अक्टूबर को हरिबल्लमपुर गांव के पास गंगा में मछुआरों को सूटकेस जैसा बैग तैरता दिखाई दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बैग से युवती का सड़ी-गली अवस्था में शव बरामद किया। उसके गले में रस्सी बंधी मिली थी। उस समय शव की पहचान नहीं हो सकी थी।
बाद में कपड़ों और अन्य पहचान संबंधी विवरणों के आधार पर परिजनों ने शव की पहचान कोमल उर्फ काजल के रूप में की। घटना के पीछे प्रेम प्रसंग की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, हत्या के कारणों और आरोपित की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की परिस्थितियों का खुलासा हो सकेगा।















