ने तिलक मार्ग स्थित तिलक मार्ग थाना में चोरी की FIR दर्ज करवाई थी और बताया कि घटनास्थल पर VVIP मूवमेंट के कारण सुरक्षा-लॉकडाउन चल रहा था।
मामले का संक्षेप और गिरफ्तारी
पुलिस ने बताया कि नियो सेपियंस के स्टॉल से चोरी की रिपोर्ट के बाद खोज-तलाशी के दौरान दो संदिग्ध — आशीष और मनीष — को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से कुल छह AI वेरिएबल (कंपनी के खाते से बताए गए डिवाइस) बरामद किए गए हैं। बरामद डिवाइसों की शिनाख्त और उनके मालिकाना हक़ का सत्यापन चल रहा है।
घटना का पृष्ठभूमि और समय-रेखा
नियो सेपियंस का स्टॉल कार्यक्रम के पहले दिन, उस समय लक्षित हुआ जब आयोजन स्थल के अंदर VVIP मूवमेंट के कारण कुछ क्षेत्रों में सुरक्षा-लॉकडाउन लगा हुआ था। सीईओ ने मीडिया और सोशल पोस्ट के माध्यम से कहा कि कार्यक्रम का पहला दिन कंपनी के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और उन्होंने चोरी की सूचना फूलकर पुलिस को दी। चोरी के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस ने जांच शुरू कर दी और कुछ घंटे के भीतर संदिग्धों की पहचान कर गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई। बरामद किए गए उपकरणों को अब साक्ष्य के तौर पर जुटाया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
Just wanted to update everyone, our devices have been recovered.
Huge thanks to Delhi Police for the super fast response and support.
Truly grateful for all the messages, help, and encouragement we’ve received over the last two days, it means a lot to me🙏.
— Dhananjay Yadav (@imDhananjay) February 17, 2026
सीईओ का बयान (X पर)
कंपनी के सीईओ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर (X) अपडेट देते हुए लिखा: “बस सबको अपडेट करना चाहता था, हमारे डिवाइस मिल गए हैं. सुपर फास्ट रिस्पॉन्स और सपोर्ट के लिए दिल्ली पुलिस का बहुत-बहुत धन्यवाद. पिछले दो दिनों में हमें मिले सभी मैसेज, मदद और हौसला बढ़ाने के लिए सच में शुक्रगुजार हूं, यह मेरे लिए बहुत मायने रखता है.” यह बयान कंपनी और आयोजकों की ओर से मिली राहत और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना बताता है।
आयोजन-सुरक्षा पर उठ रहे सवाल
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ जब कार्यक्रम स्थल के कुछ हिस्सों में VVIP मूवमेंट के कारण कड़े सुरक्षा प्रबंध लागू थे — और इसीलिए यह सवाल उठता है कि इसके बावजूद चोरी कैसे संभव हुई। आयोजकों, सुरक्षा टीम और पुलिस के बीच समन्वय, आयोजन-स्थल पर बैक-स्टेज विजिलेंस (CCTV, प्रवेश-निकास लॉग), और स्टॉल की तरह-तरह की सुरक्षा-प्रोटोकॉल की समीक्षा की उम्मीद की जा रही है। आयोजकों ने फिलहाल आधिकारिक टिप्पणी जारी नहीं की है; आयोजकीय स्तर पर भी आंतरिक जांच की सूचना मिल सकती है।
कंपनी और प्रभावितों की प्रतिक्रिया
नियो सेपियंस के सीईओ का धन्यवाद संदेश घटनास्थल पर मिली मदद और दर्शकों/समर्थकों द्वारा भेजी गई प्रतिक्रिया के प्रति आभार जताता है। कंपनी का कहना है कि वे आगे के लिए सुरक्षा-प्रोटोकॉल सख्त करेंगे औरAffected ग्राहकों/पार्टनर्स को संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर अपडेट देंगे।
पुलिस प्रक्रिया और आगे की कानूनी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है और न्यायिक प्रक्रिया के तहत आरोपियों के खिलाफ आवश्यक धाराएँ लागू की जाएंगी; साथ ही यह देखा जाएगा कि क्या आरोपियों का कोई सहयोगी-जूट या चोरी की यह घटना संगठित नेटवर्क से जुड़ी हुई है। बरामद सामानों की फोरेंसिक जाँच भी की जाएगी ताकि चोरी के समय की घटनाचक्र और आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो सके।
इंडिया में पहली बार आयोजित इस बड़े AI समिट के पहले दिन हुई यह घटना आयोजन-रख-रखाव और सार्वजनिक कार्यक्रमों में सुरक्षा के तरीकों पर नई बहस खड़ी कर सकती है। आयोजक, पुलिस और प्रदर्शक मिलकर घटनाओं की जाँच कर रहे हैं — और कंपनी के CEO के त्वरित FIR दर्ज करwane और पुलिस की गिरफ्तारी ने फिलहाल स्थिति को शांत करने में मदद की है। कार्यक्रम के शेष दिनों में सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी, यह बाकी दर्शकों और सहभागियों के लिए अहम रहेगा।














