गाजीपुर – कयामपुर क्षेत्र में मंगई नदी पर ग्रामीणों के सामूहिक प्रयास और जनसहयोग से निर्मित पक्के पुल का उद्घाटन रविवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह पुल केवल कंक्रीट का ढांचा नहीं, बल्कि लोगों के अटूट विश्वास, एकता और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने पूर्व कैप्टन रविंद्र यादव और क्षेत्रीय जनता की सराहना करते हुए इसे एक प्रेरणादायक मिसाल बताया।
करीब दो वर्ष पहले 25 फरवरी 2024 को न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव ने ही इस पुल का शिलान्यास किया था। अब यह पुल पूरी तरह बनकर तैयार हो गया है, जिससे 14-15 गांवों के लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। पहले ग्रामीणों को बांस के अस्थायी पुल और नाव का सहारा लेना पड़ता था।
इस पुल के निर्माण की शुरुआत सेना से सेवानिवृत्त रविंद्र यादव के 10 लाख रुपये के योगदान से हुई। इसके बाद ग्रामीणों—जिनमें कालिका यादव, रमाकांत यादव, रमेश राजभर, रामबदन, राजेश कुशवाहा, मदन यादव समेत कई लोगों ने सहयोग किया—ने मिलकर करोड़ों रुपये की लागत से 105 फीट लंबा पुल तैयार किया। पुल की डिजाइनिंग और निर्माण कार्य की देखरेख भी रविंद्र यादव और एक आर्किटेक्ट ने की।
उद्घाटन समारोह में पूर्व सांसद जगदीश कुशवाहा और सपा नेता राजकुमार पांडेय विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व ब्लॉक प्रमुख रामकृत यादव ने की।
ग्रामीणों के अनुसार, आजादी के बाद से वे पुल निर्माण के लिए प्रशासन से गुहार लगाते रहे, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। यह गांव जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के गांव के पास स्थित है।
ग्रामीणों की यह पहल दशरथ मांझी के जज्बे की याद दिलाती है, जिन्होंने अकेले पहाड़ काटकर रास्ता बनाया था। यह पुल अब आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।














