RBI ने SGB 2019-20 (Series-II) के लिए समय-पूर्व रिडेम्प्शन 16 जनवरी 2026 से खोल दिया; रिडेम्प्शन-प्राइस प्रति यूनिट ₹14,092 तय की गई है — यह पिछले 3 कार्यदिवसों की 999-शुद्धता वाले सोने की क्लोजिंग कीमत का साधारण औसत है। इस सीरीज़ की मूल (इश्यू) कीमत ऑनलाइन निवेशकों के लिए ₹3,393/ग्राम थी — साधारण (capital appreciation) रिटर्न ~315.3% आया है (ब्याज अलग)।
1.SGB पर मूल बातें — क्या है और क्यों लोकप्रिय?
-
SGB सरकार द्वारा जारी कागजी/डिमैट गोल्ड का विकल्प है — physical gold की तुलना में स्टोरेज-झंझट और शुद्धता की चिंता नहीं।
-
यह 8 साल की अवधि का बॉन्ड होता है; पर नियम के अनुसार जारी होने की तारीख से 5 साल पूरे होने पर ब्याज भुगतान की तारीख पर समय-पूर्व रिडेम्प्शन की सुविधा मिलती है।
2.रिडेम्प्शन-मूल्य (Redemption price) कैसे तय होता है?
RBI के नियमों के अनुसार रिडेम्प्शन-वेल्यू = पुनर्भुगतान तिथि से पहले के तीन (3) कार्यदिवसों में India Bullion & Jewellers Association (IBJA) द्वारा प्रकाशित 999-शुद्धता वाले सोने की क्लोजिंग कीमतों का साधारण औसत। यही आधार RBI हर ट्रान्च के लिए लागू करता है।
उदाहरण (आपके ट्रान्च के नंबर): RBI ने 16-Jan-2026 के लिए रिडेम्प्शन-प्राइस ₹14,092 प्रति यूनिट घोषित किया — यह 12, 13 और 14 जनवरी 2026 की क्लोजिंग कीमतों के औसत पर आधारित है।
3.आपकी रिटर्न-गिनती (नमूना)
इश्यू कीमत (ऑनलाइन निवेशकों को मिली छूट के बाद): ₹3,393/ग्राम (16 July 2019 पर)।
रिडेम्प्शन कीमत (16 Jan 2026 के लिए घोषित): ₹14,092/यूनिट.
सादा पूंजीगत वृद्धि = (14,092 − 3,393) / 3,393 × 100 = ≈ 315.33% (ब्याज अलग)। (आपके द्वारा दिए गए “≈315%” के साथ मेल खाती गणना)।
नोट: SGB पर अलग से 2.5% वार्षिक फिक्स्ड ब्याज मिलता है, जो हर 6 माह में भुगतान होता है — यह भी कुल रिटर्न में जुड़ता है पर यह आय कर के अधीन है।
4.टैक्स और कानूनी-पहलू (महत्वपूर्ण)
रिडेम्प्शन पर कैपिटल-गेन (यदि बॉन्ड मैच्योरिटी पर रिडीम किए जाएं — 8 वर्ष): व्यक्तिगत निवेशक के लिए रिडेम्प्शन-आय पर कैपिटल-गेन छूट दी जाती है (मॅच्योरिटी पर) — यानी मैच्योरिटी पर मिलने वाली कैपिटल-गेंस के लिए कर-छूट होती है। दूसरी ओर, बीच-बीच में बेचना/प्रारंभिक रिडीम्शन कर नियमों के अधीन होगा (LTCG/STCG और indexation के नियम लागू हो सकते हैं)।
ब्याज: 2.5% वार्षिक ब्याज आय-कर के अधीन है (आपके slab के अनुसार टैक्स देय)।
TDS: SGB पर TDS नहीं कटता; निवेशक को अपनी आय-कर देनदारी स्वयं भरनी होती है।
5.SGB के प्रमुख फायदे
1.सुरक्षा (Sovereign guarantee): सरकार-बैक्ड—physical gold के चोर/कमी-शुद्धता-जोख़िम नहीं।
2.इंटरस्ट इनकम: 2.5% वार्षिक, हर 6 माह।
3.कम लागत/बिना भंडारण-झंझट: किसी दूरस्थ Locker या बैंकर-फी की चिंता नहीं।
4.डिमैट/सर्टिफिकेट विकल्प: इसे demat में रखना आसान है; ट्रांसफर आसान।
5.मॅच्योरिटी-पर टैक्स लाभ: मैच्योरिटी तक रखें तो कैपिटल-गेन में कर-छूट मिल सकती है (नीति के अनुसार)।
6.जोखिम और क्या ध्यान रखना चाहिए
सोन्य-प्राइस-रिस्क: SGB भी सोने की कीमत पर निर्भर है — कीमत गिरने पर पूंजी खतरे में।
तरलता: सेकेंडरी-मार्केट पर बिकते हैं, पर बेचना हमेशा तुरंत और बिना प्राइस-स्लैज नहीं होता।
कर-कठिनाइयाँ: समय-पूर्व बिक्री पर कर व् indexation के नियम समझ लें।
7.समय-पूर्व रिडीम करने की प्रक्रिया (स्टेप-बाय-स्टेप)
1.अपनी बांड-होल्डिंग (demat/पोस्ट-ऑफिस/बैंक रिकॉर्ड) जाँचें और ट्रान्च-इश्यू-डेट सत्यापित करें। SGB की रिडीम-विन्डो सिर्फ निर्धारित तारीखों पर ही खुलती है (RBI सर्कुलर के अनुसार)।
2.रिडीम-इच्छा होने पर अपने जारीकर्ता (जिस बैंक/पोस्ट-ऑफिस/शेयर-ब्रोकर के माध्यम से खरीदा गया) से संपर्क करें और निर्धारित फॉर्म/डेडलाइन में आवेदन जमा करें।
3.RBI द्वारा घोषित रिडेम्प्शन-प्राइस के अनुसार भुगतान आपके बैंक खाते में क्रेडिट हो जाता है। डॉक्यूमेंट और PAN की व्यवस्था रखें।
8छोटी चेकलिस्ट — रिडीम करने से पहले
आपका SGB जारी-दिन जानें (यह तय करता है कि यह ट्रान्च किस समय-विकल्प में आता है)।
क्या आप मैच्योरिटी-टैक्स-छूट लेना चाहते हैं? (यदि हाँ तो मैच्योरिटी तक रखें)।
बैंक-डिटेल और PAN अपडेट करें — पेमेंट वहीं जाएगा।
सेल/रिडीम के लिए आखिरी तारीखें और फॉर्मलिटीज़ समय पर पूरा करें।
9.अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q.क्या मैं किसी भी दिन रिडीम कर सकता/सकती हूँ?
A.नहीं — सिर्फ़ RBI द्वारा घोषित समय-विंडो/interest-payment-date पर (और जब पांच साल पूरे हो चुके हों) रिडीम की अनुमति होती है।
Q.रिडीम-प्राइस किस स्रोत से आएगा?
A.IBJA द्वारा प्रकाशित 999-purity gold की क्लोजिंग प्राइस का 3-दिन औसत।
Q.क्या ब्याज पर TDS लगता है?
A.नहीं, पर ब्याज आपकी सामान्य आय में जोड़कर टैक्स देना होगा; TDS नहीं काटा जाता।
SGB फिजिकल गोल्ड का एक सुरक्षित, टैक्स-फ्रेंडली और सुविधाजनक विकल्प है—विशेषकर उन निवेशकों के लिए जो सोने का एक्सपोज़र सरकार-बैक के रूप में चाहते हैं और भंडारण-झंझट से बचना चाहते हैं। 2019-20 Series-II के निवेशकों के लिए 16-Jan-2026 का रिडेम्प्शन-नोटिस एक बड़ा अवसर था — इश्यू-प्राइस ₹3,393 से ₹14,092 तक की सादे मूल-वृद्धि ने करीब 315% का लाभ दिखाया (इसके ऊपर 2.5% सालाना ब्याज भी मिला)। यदि आप अपने SGB के लिए रिडीम करने की सोच रहे हैं, तो जारीकर्ता से तुरंत प्रक्रिया और आखिरी तारीखें कन्फर्म कर लें और टैक्स-इम्पैक्ट समझकर निर्णय लें।














