नई दिल्ली: वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितताओं और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बीच केंद्र सरकार ने देशवासियों को भरोसा दिलाया है कि भारत में ऊर्जा और जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने साफ कहा है कि देश में लॉकडाउन लगाने को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही खबरें पूरी तरह अफवाह हैं और सरकार के स्तर पर ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए अपने संदेश में मंत्री ने कहा कि सरकार वैश्विक परिस्थितियों पर लगातार नजर बनाए हुए है और ऊर्जा, सप्लाई चेन तथा आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर हर स्थिति पर सतर्कता से काम कर रही है।
“हर चुनौती से निपटने के लिए सरकार तैयार”
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार हर संभावित चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि देश में ईंधन, ऊर्जा और जरूरी सामान की सप्लाई बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि भारत ने पहले भी कई वैश्विक संकटों के दौरान अपनी मजबूती साबित की है और आगे भी सरकार समय पर, सक्रिय और समन्वित तरीके से कदम उठाती रहेगी।
लॉकडाउन को लेकर फैलाई जा रही अफवाहें गलत
केंद्रीय मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि लॉकडाउन को लेकर फैल रही खबरें पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें और जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करें।
उन्होंने कहा कि इस तरह की संवेदनशील परिस्थितियों में अफवाह फैलाना और डर का माहौल बनाना गैर-जिम्मेदाराना और नुकसानदायक है। ऐसे समय में समाज को शांत, संयमित और एकजुट रहने की जरूरत है।
कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल
मंत्री ने बताया कि पिछले एक महीने में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है। पहले जहां कीमत करीब 70 डॉलर प्रति बैरल थी, वहीं अब यह बढ़कर लगभग 122 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है।
इस बढ़ोतरी का असर दुनिया भर में देखने को मिल रहा है। हरदीप पुरी के मुताबिक दक्षिण-पूर्व एशिया में पेट्रोल-डीजल की कीमतें 30 से 50 प्रतिशत तक बढ़ी हैं। उत्तरी अमेरिका में करीब 30 प्रतिशत, यूरोप में 20 प्रतिशत और अफ्रीका में लगभग 50 प्रतिशत तक कीमतों में उछाल दर्ज किया गया है।
सरकार के सामने थे दो विकल्प
हरदीप पुरी ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में मोदी सरकार के सामने दो विकल्प थे। पहला यह कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी कीमतों का पूरा बोझ सीधे उपभोक्ताओं पर डाल दिया जाए, जैसा कई देशों ने किया है। दूसरा विकल्प यह था कि सरकार खुद अपने वित्तीय संसाधनों पर इसका बोझ उठाए ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके।
उन्होंने कहा कि सरकार ने दूसरा रास्ता चुना ताकि आम लोगों को अंतरराष्ट्रीय बाजार की अस्थिरता का ज्यादा असर न झेलना पड़े।
किरण रिजिजू ने भी दिया भरोसा
केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने भी स्थिति को लेकर लोगों को आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस पूरे हालात की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे हैं और सरकार हर स्तर पर हालात को नियंत्रित रखने के लिए काम कर रही है।
रिजिजू ने कहा कि केंद्र सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और जरूरी सेवाएं व वस्तुएं बिना किसी बाधा के उपलब्ध रहें।
सरकार के इन बयानों के बाद यह साफ हो गया है कि फिलहाल देश में लॉकडाउन लगाने की कोई योजना नहीं है और ऊर्जा व आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है।














