गाजीपुर – शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने के आरोप में जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) पवन कुमार यादव के खिलाफ कार्रवाई की गई है। प्रदेश शासन के बाल विकास एवं पुष्टाहार अनुभाग ने उन्हें उनके पद से हटाते हुए मंडलायुक्त कार्यालय वाराणसी से संबद्ध कर दिया है। साथ ही मामले की जांच के लिए उप निदेशक बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार स्वाति शुक्ला को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि उच्चाधिकारियों द्वारा समय-समय पर दिए गए स्पष्ट निर्देशों के बावजूद डीपीओ पवन कुमार यादव ने विभागीय दायित्वों के निर्वहन में उदासीनता और लापरवाही दिखाई। समीक्षा बैठकों और पत्राचार के माध्यम से कार्यप्रणाली में सुधार के निर्देश दिए गए थे, लेकिन योजनाओं के क्रियान्वयन में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित नहीं हो सकी।
बताया जा रहा है कि पवन यादव अपनी तैनाती के बाद से ही विवादों में रहे। आरोप है कि उन्होंने कार्यालय में बाबुओं के तबादले ताश के पत्तों की तरह किए और बाद में कुछ को मनचाही तैनाती भी दे दी। उनके कार्य व्यवहार को लेकर कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी नाराजगी जताई थी।
जिला प्रशासन ने भी डीपीओ के कामकाज पर असंतोष व्यक्त करते हुए शासन को पत्र भेजा था। भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत की थी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जांच चल रही थी। करीब आठ माह बाद शासन ने यह कार्रवाई की है। मामले में दो सीडीपीओ और एक बाबू के खिलाफ भी आगे कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।














