रानीगंज/पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने शनिवार को रानीगंज में आयोजित एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए Bharatiya Janata Party (BJP) पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने रघुनाथगंज में हुई हिंसा का जिक्र करते हुए भाजपा पर दंगे भड़काने के गंभीर आरोप लगाए और कहा कि पार्टी को इस घटना पर “शर्म आनी चाहिए।”
रघुनाथगंज हिंसा को लेकर आरोप
मुख्यमंत्री ने मुर्शिदाबाद के रघुनाथगंज में Ram Navami शोभायात्रा के दौरान हुई झड़पों का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने जानबूझकर अपने लोगों को भेजकर माहौल खराब किया।
“रघुनाथगंज में दुकानों और घरों में तोड़फोड़ की गई। किसी को यह अधिकार किसने दिया? दंगे भड़काने का हक किसने दिया? इसका हिसाब लिया जाएगा,” ममता बनर्जी ने कहा।
‘अवैध कोयला और दोहरा मापदंड’
ममता बनर्जी ने भाजपा पर अवैध कोयला खनन से जुड़े धन लेने का आरोप भी लगाया और कहा कि वही पार्टी तृणमूल कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाती है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने राज्य की प्रशासनिक शक्तियों को कमजोर करने की कोशिश की है और अधिकारियों के तबादले कर स्थिति को प्रभावित किया है।
‘बुलडोजर राजनीति’ पर चेतावनी
मुख्यमंत्री ने लोगों को आगाह करते हुए कहा कि अगर भाजपा सत्ता में आती है तो “बुलडोजर चलाकर लोगों को बेघर किया जाएगा।” उन्होंने जनता से अपील की कि वे एकजुट होकर तृणमूल कांग्रेस का समर्थन करें ताकि “बंगाल से भाजपा का अंत” हो सके।
दिल्ली की सत्ता पर भी नजर
ममता बनर्जी ने अपने संबोधन में संकेत दिया कि उनकी राजनीतिक लड़ाई केवल पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा “सारी हदें पार कर रही है” और इसका असर राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ेगा।
उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दलों को एकजुट कर वे दिल्ली में भी भाजपा को चुनौती देंगी, जिससे आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक टकराव और तेज हो सकता है।
चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री ने Election Commission of India पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के दौरान नाम हटाए जा रहे हैं और यह सब भाजपा के इशारे पर हो रहा है।
‘सर्वधर्म समभाव’ का संदेश
अपने भाषण में ममता बनर्जी ने राज्य की सामाजिक एकता पर जोर देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में सभी धर्मों—हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई और पारसी—के लोग मिलकर त्योहार मनाते हैं।
“हम Durga Puja, काली पूजा, छठ, क्रिसमस और ईद सभी मिलकर मनाते हैं। हम हर धर्म और हर समुदाय का सम्मान करते हैं,” उन्होंने कहा।
रानीगंज की इस रैली के जरिए ममता बनर्जी ने जहां राज्य की राजनीति में भाजपा पर सीधा हमला बोला, वहीं राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी राजनीतिक रणनीति के संकेत दिए। आने वाले समय में पश्चिम बंगाल और देश की राजनीति में इस बयानबाजी का असर देखने को मिल सकता है।














