Friday, January 16, 2026
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झीरम घाटी हमले पर जेपी नड्डा का बड़ा बयान, छत्तीसगढ़ की राजनीति में मचा भूचाल

झीरम घाटी हमले को याद करते हुए केंद्रीय मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने ऐसा बयान दिया है, जिसने छत्तीसगढ़ की सियासत को गरमा दिया है। जांजगीर-चांपा में एक कार्यक्रम के दौरान नड्डा ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि झीरम घाटी की घटना में “रक्षक ही भक्षक बन गए थे” और कांग्रेस के बड़े नेताओं की हत्या उनके ही अपनों की साजिश का नतीजा थी।

जेपी नड्डा ने कहा कि जब वे छत्तीसगढ़ के प्रभारी थे, तब उन्होंने झीरम घाटी की घटना को बेहद करीब से देखा। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय कांग्रेस नेताओं की नक्सलियों के साथ सांठ-गांठ थी और अंदरूनी जानकारी नक्सलियों तक पहुंचाई जा रही थी। नड्डा के मुताबिक, कांग्रेस के अपने लोग ही अपने नेताओं को मरवाने में लगे हुए थे।

“नक्सलियों से दोस्ती करती थी कांग्रेस”

नड्डा ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस की सरकार नक्सलियों से समझौता करती थी, उनसे समय लेती थी और दोस्ती निभाती थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा,
“घोड़ा अगर घास से दोस्ती करेगा, तो खाएगा क्या?”

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में नक्सलवाद के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बनी विष्णु देव साय सरकार ने महज दो वर्षों में नक्सलवाद पर बड़ा शिकंजा कस दिया है।

“नक्सलवाद अब गिने-चुने इलाकों तक सीमित”

जेपी नड्डा ने दावा किया कि आज नक्सलवाद बहुत सीमित गांवों और जिलों तक सिमट कर रह गया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि आने वाले समय में नक्सलवाद को जड़ से खत्म कर दिया जाएगा। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर पूरी ताकत से काम कर रही हैं।

भूपेश बघेल सरकार पर निशाना, साय सरकार की तारीफ

इस दौरान नड्डा ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की पहचान “वादा करो और भूल जाओ” की रही है, जबकि मोदी सरकार ने इस राजनीतिक संस्कृति को बदल दिया है।
नड्डा ने कहा,
“मोदी सरकार जो कहती है, वो करके दिखाती है।”

उन्होंने साय सरकार के दो साल पूरे होने पर उसकी उपलब्धियों की सराहना करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार को नक्सलवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए बधाई दी।

झीरम घाटी हमला: एक संक्षिप्त इतिहास

झीरम घाटी हमला, जिसे दरभा घाटी हमला भी कहा जाता है, 25 मई 2013 को छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में हुआ था। शाम करीब 4 बजे नक्सलियों ने कांग्रेस के काफिले पर घात लगाकर हमला किया था। इस भीषण हमले में लगभग 33 लोग मारे गए, जिनमें छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कई शीर्ष नेता शामिल थे। यह भारत के इतिहास में राजनीतिक काफिले पर किया गया सबसे बड़ा नक्सली हमला माना जाता है।
कांग्रेस हर वर्ष 25 मई को इस घटना की याद में ‘झीरम शहादत दिवस’ मनाती है।

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