नोएडा/दिल्ली: नवरात्रि के पावन अवसर पर छतरपुर स्थित श्री आद्या कात्यायनी शक्तिपीठ में एक विशेष आध्यात्मिक आयोजन ‘अनहद नाद’ ने भक्तों को भक्ति, शांति और आत्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। सेक्टर-128 नोएडा निवासी रेखा मल्होत्रा द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और मन की शांति के साथ दिव्य अनुभव प्राप्त किया।
भक्ति और शांति का अनोखा अनुभव
कार्यक्रम के दौरान पूरे मंदिर परिसर में माता के जयकारों से वातावरण भक्तिमय और शांतिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने न केवल पूजा-अर्चना की, बल्कि मन की शांति और आंतरिक संतुलन के लिए आयोजित इस विशेष सत्र में सक्रिय भागीदारी निभाई।
रेखा मल्होत्रा ने कहा,
“जब मन पूर्णतः शांत होता है, तब भीतर से ‘अनहद नाद’ की अनुभूति होती है। ममता और वात्सल्य ऐसे दिव्य सूत्र हैं, जो हमें एक-दूसरे से प्रेम के बंधन में जोड़ते हैं।”
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
इस अवसर पर कई आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं। नोएडा सेक्टर-70 निवासी कथक गुरु प्रभा दुबे ने मंच संचालन किया, जबकि नोएडा, दिल्ली और एनसीआर के बच्चों ने मनमोहक प्रस्तुतियों से सभी का दिल जीत लिया।
दिव्य हीलिंग और ध्यान सत्र का आयोजन
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण रहा दिव्य हीलिंग और मेडिटेशन सत्र, जिसे प्रसिद्ध एनर्जी अल्केमिस्ट और आध्यात्मिक मार्गदर्शक रेखा मल्होत्रा ने संचालित किया। पिछले 19 वर्षों से ऊर्जा हीलिंग और ध्यान के क्षेत्र में सक्रिय रेखा मल्होत्रा ने इस सत्र के माध्यम से लोगों को उनकी आंतरिक शक्ति से जुड़ने का मार्ग दिखाया।
इस विशेष सत्र का केंद्र ‘इच्छा पूर्ति’ (Wish Fulfilment) रहा। श्रद्धालुओं ने इस विश्वास के साथ भाग लिया कि मां के दरबार से सच्ची भावना और सकारात्मक ऊर्जा के साथ की गई प्रार्थना कभी व्यर्थ नहीं जाती।
मंत्र जाप से गूंजा वातावरण
सत्र के दौरान सभी उपस्थित लोगों द्वारा सामूहिक रूप से
“ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे”
मंत्र का जाप किया गया, जिससे पूरा वातावरण सकारात्मक ऊर्जा से भर गया।
रेखा मल्होत्रा ने हीलिंग ऊर्जा के माध्यम से प्रतिभागियों के आभामंडल को शुद्ध करने, मानसिक अवरोधों को दूर करने और उन्हें मां दुर्गा की दिव्य शक्ति से जोड़ने का मार्गदर्शन किया।
आस्था, ऊर्जा और परिवर्तन का संगम
यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक गहन आध्यात्मिक और परिवर्तनकारी अनुभव साबित हुआ। इसमें शामिल लोगों ने नई ऊर्जा, आस्था और आत्मिक संतुलन का अनुभव किया।
इस तरह ‘अनहद नाद’ कार्यक्रम ने नवरात्रि के अवसर पर यह संदेश दिया कि सच्ची भक्ति, सकारात्मक ऊर्जा और आत्मिक जुड़ाव से जीवन में शांति और संतुलन पाया जा सकता है।














